Gadchiroli Naxal Arms Factory Destroyed

गढ़चिरौली में पुलिस का बड़ा एक्शन, नक्सलियों की हथियार फैक्ट्री ध्वस्त

गढ़चिरौली में पुलिस का ‘ऑपरेशन फाइनल स्ट्राइक’: नक्सलियों की हथियार फैक्ट्री ध्वस्त, भारी मात्रा में विस्फोटक नष्ट”

गढ़चिरौली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

महाराष्ट्र के नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली जिले में पुलिस और सुरक्षा बलों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है।

‘ऑपरेशन फाइनल स्ट्राइक’ के तहत सुरक्षा बलों ने घने जंगलों में चल रही नक्सलियों की एक गुप्त हथियार फैक्ट्री को पूरी तरह से तबाह कर दिया है।

यह कार्रवाई हाल ही में पुलिस के सामने सरेंडर (आत्मसमर्पण) करने वाले माओवादियों से मिली खुफिया और सटीक जानकारी के आधार पर की गई।

मौके पर मिले भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बनाने के सामान को सुरक्षा बलों ने जंगल में ही नष्ट कर दिया।

जंगल में छिपाकर रखते थे मौत का सामान

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, माओवादी सुरक्षा बलों को भारी नुकसान पहुंचाने और सरकार के खिलाफ हमले करने के लिए जंगल के दुर्गम इलाकों में कई तरह के हथियार और विस्फोटक जमीन में दबाकर रखते थे।

इसी छिपे हुए सामान का इस्तेमाल नक्सली अपने ‘शहीद सप्ताह’, चुनावों या अन्य विशेष मौकों पर पुलिस बल पर घात लगाकर हमला करने के लिए करते थे।

लेकिन पिछले कुछ समय में गढ़चिरौली जिले में माओवाद की कमर टूट चुकी है और पुलिस फोर्स लगातार उनके द्वारा छिपाए गए हथियारों के जखीरे को बरामद कर उन्हें निष्क्रिय करने में सफल रही है।

सरेंडर करने वाले नक्सलियों ने खोला राज

गढ़चिरौली पुलिस के ‘ऑपरेशन फाइनल स्ट्राइक’ के तहत मुख्यधारा में लौटकर सरेंडर करने वाले माओवादियों से जब गहन पूछताछ की गई, तो उन्होंने एक बड़ा खुलासा किया।

उन्होंने बताया कि माओवादियों ने पोमकेन के बिनगुंडा (Pomken Bingunda) सीमा के जंगली इलाके में हथियार और भारी मात्रा में अन्य सामान छिपा रखा है।

इस गोपनीय सूचना के आधार पर गढ़चिरौली की स्पेशल ऑपरेशन टीम और बम निरोधक दस्ता (BDDS) की दो टीमों को तुरंत सर्च ऑपरेशन के लिए रवाना किया गया।

22 मई 2026 को बीडीडीएस और जवानों की इस संयुक्त टीम ने पोमकेन बिनगुंडा के उत्तरी जंगली इलाके की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया।

इस दौरान घटनास्थल पर बरामद हुई सभी माओवादी सामग्री को सुरक्षाकर्मियों की मदद से मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।

C-60 कमांडो और जॉइंट टीम का सफल ऑपरेशन

पुलिस विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस अभियान को और तेज करते हुए 23 मई को इस दुर्गम इलाके में एक बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया गया।

इसके लिए पुलिस के एलीट ‘सी-60’ (C-60) कमांडो जवानों की 6 टीमों, प्राणहिता हेडक्वार्टर के जवानों और बीडीडीएस की 2 टीमों की एक जॉइंट टास्क फोर्स को जंगल में भेजा गया।

एडिशनल सुपरिटेंडेंट कार्तिक मधिरा, गोकुल राज जी., और डिप्टी सुपरिटेंडेंट विशाल नागरगोजे के कुशल मार्गदर्शन में सी-60 जवानों ने इस खतरनाक और महत्वपूर्ण ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इस कार्रवाई से इलाके में नक्सलियों के नेटवर्क को करारा झटका लगा है।