IDF Manpower Shortage

इस्राइली सेना प्रमुख की चेतावनी: जवानों की कमी से ढह सकती है फौज!

ईरान, लेबनान, गाजा: 3 मोर्चों पर युद्ध. इस्राइली सेना प्रमुख की चेतावनी: जवानों की कमी, ढहने का खतरा! 

यरूशलम/नई दिल्ली : द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

तीन मोर्चों पर युद्ध लड़ रही इस्राइली सेना के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर ने एक गंभीर चेतावनी दी है, जिसने देश के सुरक्षा प्रतिष्ठानों में हड़कंप मचा दिया है।

उन्होंने सुरक्षा मामलों की कैबिनेट बैठक में 10 बड़े खतरों (10 रेड फ्लैग) को सामने रखते हुए कहा कि जवानों की भारी कमी के कारण सेना अंदरूनी तौर पर ‘ढह’ सकती है।

यरूशलम पोस्ट के मुताबिक, डिफेंस चीफ ने जोर देकर कहा कि यदि मैनपावर की शॉर्टेज का कोई तत्काल समाधान नहीं निकाला गया, तो सेना कोलैप्स कर जाएगी।

आईडीएफ (IDF) के सूत्रों ने बताया कि अभी तो युद्ध चल रहा है, लेकिन इजराइल को शांति के समय गाजा, लेबनान, सीरिया और वेस्ट बैंक के बॉर्डर्स पर तैनात करने के लिए सैनिकों की भारी जरूरत है।

उन्होंने आगाह किया कि अगर सरकार सैनिकों की भर्ती नहीं करती है, तो कई जगहों पर ‘बिग गैप्स’ (सैनिकों की भारी कमी) पैदा हो जाएंगे, जिससे देश की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी।

इस समस्या की सबसे बड़ी वजह ‘हरेदी यहूदी’ (अल्ट्रा ऑर्थोडॉक्स यहूदी) समुदाय को सैन्य सेवा से मिलने वाली विशेष छूट है।

समस्या की जड़: हरेदी यहूदियों को छूट

हरेदी समुदाय के पुरुषों को ‘तोरातो उमुनातो’ व्यवस्था के तहत एक विशेष छूट मिलती है, जिससे वे अपने धार्मिक स्थल पर रहकर यहूदी धर्म ग्रंथ तोराह की पढ़ाई कर सकते हैं।

इसके लिए उन्हें अनिवार्य मिलिट्री सर्विस से छूट मिल सकती है। इजराइल में यह एक बड़ा मुद्दा है, क्योंकि यह समुदाय तेजी से बढ़ रहा है और सैन्य सेवा में शामिल नहीं होता है।

प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू का कहना है कि उनकी भर्ती से जुड़े बिल को युद्ध की वजह से साइड कर दिया गया है, क्योंकि इससे देश की एकता पर खतरा पड़ सकता है।

सेना प्रमुख की चेतावनी के 10 रेड फ्लैग:

जनरल जमीर ने जिन खतरों को गिनाया, उनमें जवानों की कमी के साथ मिशन पर जुटे सैनिकों पर बढ़ता बोझ, थकान, अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव, हथियार सप्लाई में कमी का जोखिम, अग्रिम मोर्चों पर अनुभवी कमांडरों की कमी, भर्ती में असमानता, ट्रेनिंग में गिरावट, और मानसिक स्वास्थ्य का संकट अहम हैं। उन्होंने कहा कि इन खतरों से जल्द नहीं निपटे तो सेना ढह जाएगी।

विपक्ष की मांग: अनिवार्य सैन्य सेवा कानून तुरंत लागू हो

सेना का संकट सामने आने के बाद इजराइल के विपक्षी नेताओं ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने जवान बढ़ाने के लिए तुरंत इमरजेंसी बैठक बुलाने की मांग की।

विपक्षी नेता यायर लैपिड ने कहा कि तुरंत अनिवार्य सैन्य सेवा कानून लागू होना चाहिए। सूत्रों ने बताया कि सैनिकों की कमी की बड़ी वजह हरेदी समुदाय का विरोध है, जिसके कारण अनिवार्य सैन्य सेवा कानून पर पेंच फंसा है।

यह मामला अब इजराइल की राजनीति और सुरक्षा के लिए एक बड़ी परीक्षा बन गया है।

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