ईरान और इजरायल युद्ध : अमेरिका ने ईरान के तीन न्यूक्लियर साइट्स पर किया हमला
“अमेरिकी बमवर्षक विमानों ने ईरान के तीन न्यूक्लियर ठिकानों पर हमला बोल दिया। अमेरिका ने ईरान के तीन बड़े परमाणु ठिकानों फोर्डो नतांज और इस्फहान पर हवाई हमला किया है”
नई दिल्ली 22 / 06 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमला करने के फैसले पर आखिरी मुहर लगा दी और अमेरिकी बमवर्षक विमानों ने ईरान के तीन न्यूक्लियर ठिकानों पर हमला बोल दिया। अमेरिका ने ईरान के तीन बड़े परमाणु ठिकानों फोर्डो, नतांज और इस्फहान पर हवाई हमला किया है। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे एक सफल हमला बताया है।
— Donald J. Trump (@realDonaldTrump) June 21, 2025
इस हमले के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा- हमने ईरान में तीन परमाणु साइट्स फोर्डो, नतांज़ और इस्फहान पर सफल हमला किया है। हमले के बाद सभी विमान अब ईरान के एयर स्पेस से बाहर निकल चुके हैं।
फोर्डो के परमाणु ठिकाने पर बमों का पूरा पेलोड गिराया गया है। सभी विमान सुरक्षित लौट रहे हैं। हमारे महान अमेरिकी योद्धाओं को बधाई। दुनिया में कोई और सेना नहीं है जो ऐसा कर सकती थी। अब शांति का समय है! इस मुद्दे पर आपका ध्यान देने के लिए धन्यवाद।
हमले में बी-2 बॉम्बर्स का इस्तेमाल
बताया जा रहा है कि अमेरिका ने ईरान के इन परमाणु ठिकानों को निशाना बनाने के लिए बी-2 बॉम्बर्स विमानों का इस्तेमाल किया। क्योंकि हमले से पहले ऐसी खबर आई थी कि अमेरिका ने अपने ताकतवर बी-2 स्पिरिट स्टील्थ बॉम्बर्स को मिसूरी के व्हाइटमैन एयर फोर्स बेस से गुआम के लिए रवाना किया है।
उसी वक्त ईरान पर हमले की आशंका तेज हो गई थी। गुआम, पश्चिमी प्रशांत महासागर में अमेरिका का एक महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाना है। यह सैन्य ठिकाना मिडिल ईस्ट के बेहद करीब है।अमेरिका ने ईरान के जिन तीन परमाणु ठिकानों पर बमबारी की है उनमें फोर्डो काफी अहम माना जाता है क्योंकि यह ईरान का सबसे सुरक्षित परमाणु ठिकाना है।
दुनिया के ईरान के इस परमाणु ठिकाने के बारे में 2009 में पता चला था यह न्यूक्लियर प्लांट पहाड़ी इलाके में जमीन से करीब आधा मील नीचे बना हुआ है। इसे खास तरह से बनाया गया था ताकि साधारण बमबारी में ज्यादा नुकसान नहीं हो। लेकिन अमेरिका ने बमों का पूरा पेलोड इस न्यूक्लियर साइट पर गिराया है। इससे काफी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

“US ने न्यूक्लियर साइट्स पर हमले से किया UN चार्टर और NPT का उल्लंघन, ये युद्ध के समान; हमें अपनी रक्षा का हक”: अराघची
ईरान के फोर्डो, नतांज और इस्फान न्यूक्लियर साइट्स पर अमेरिकी हमले के बाद तेहरान की बड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने ‘X’ पर पोस्ट में कहा, “संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य अमेरिका ने ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु स्थलों पर हमला करके संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अंतर्राष्ट्रीय कानून व परमाणु अप्रसार संधि (NPT) का गंभीर उल्लंघन किया है। आज सुबह की घटनाएं अत्यंत निंदनीय हैं और इनके स्थायी परिणाम होंगे।”
उन्होंने आगे लिखा,”संयुक्त राष्ट्र के हर सदस्य देश को अमेरिका के इस अत्यंत खतरनाक, गैरकानूनी और आपराधिक व्यवहार को लेकर सचेत हो जाना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत आत्मरक्षा में वैध प्रतिक्रिया की जो व्यवस्था है, उसके अनुरूप ईरान अपनी संप्रभुता, हितों और जनता की रक्षा के लिए सभी विकल्प सुरक्षित रखता है।”
ईरान ने कहा-जबरन थोपा गया युद्ध
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका ने हमारे परमाणु ठिकानों पर हमला करके अंतरराष्ट्रीय कानून तोड़ा है। इजरायल और अमेरिका की ओर से हम पर जबरन युद्ध थोपा गया है। ईरान को अपनी आत्म रक्षा का पूरा अधिकार है।
उन्होंने संकेतों में बता दिया कि ईरान भी चुप नहीं बैठेगा और वह पलटवार करेगा। उनके इस बयान के तुरंत बाद ईरानी सेना ने इजरायल पर जवाबी हमला शुरू भी कर दिया। इजरायल के तेल अवीव और हाईफा शहर पर ईरानी मिसाइलें तबाही मचाती देखी गईं।
ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने भी की अमेरिकी हमले की सख्त निंदा
ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने भी परमाणु सुविधाओं पर अमेरिकी हमलों के बाद बयान जारी किया है। भारत में ईरान के दूतावास ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में लिखा, “हाल के दिनों में ज़ायोनी दुश्मन द्वारा किए गए क्रूर हमलों के बाद, आज सुबह, फोर्डो, नतांज़ और इस्फ़हान में देश के परमाणु स्थलों पर बर्बर आक्रमण किया गया – जो अंतर्राष्ट्रीय कानूनों, विशेष रूप से NPT का उल्लंघन है।
यह कार्रवाई, जो अंतर्राष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन करती है, दुर्भाग्य से अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की उदासीनता – और यहां तक कि मिलीभगत – के तहत हुई। अमेरिकी दुश्मन ने, आभासी अंतरिक्ष के माध्यम से और अपने राष्ट्रपति की घोषणा के द्वारा, उल्लिखित साइटों पर हमलों की जिम्मेदारी ली है, जो सुरक्षा समझौते और NPT के अनुसार निरंतर IAEA निगरानी में हैं…”
ईरान ने कहा-अमेरिकी हमला युद्ध के समान
ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा, “अमेरिकी हमले ईरान के खिलाफ युद्ध के समान हैं”। संयुक्त राज्य अमेरिका ने स्वयं ईरान के खिलाफ एक खतरनाक युद्ध की शुरुआत कर दी है,” क्योंकि अमेरिका ने इस्लामी गणराज्य की तीन परमाणु साइटों पर हमला किया है।
“दुनिया यह न भूले कि यह अमेरिका ही था जिसने एक चल रही राजनयिक प्रक्रिया के दौरान, नरसंहार करने वाले और कानूनविहीन इज़रायली शासन की आक्रामक कार्रवाइयों का समर्थन करके, कूटनीति के साथ विश्वासघात किया।
ईरान अमेरिका की सैन्य आक्रामकता और इस बागी शासन द्वारा किए गए अपराधों के खिलाफ पूरी ताकत से प्रतिरोध करने का अधिकार सुरक्षित रखता है, और ईरान की सुरक्षा तथा राष्ट्रीय हितों की रक्षा करेगा।”











