भारत का कड़ा संदेश: “बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं”

“भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर एक साथ दो बड़े देशों—बांग्लादेश और अमेरिका—को कड़ा कूटनीतिक संदेश भेजा है”

नई दिल्ली 27 / 12 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

शुक्रवार को विदेश मंत्रालय (MEA) की साप्ताहिक ब्रीफिंग में प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों को लेकर जहां ‘यूनुस सरकार’ को आईना दिखाया, वहीं अमेरिका में भारतीय आईटी पेशेवरों के साथ हो रहे वीजा भेदभाव पर भी गहरी आपत्ति दर्ज कराई।


1. बांग्लादेश: “2900 हिंसक घटनाएं महज इत्तेफाक नहीं”

बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद से हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर जारी हमलों पर भारत ने अब तक का सबसे कड़ा रुख अख्तियार किया है।

सरकार की जवाबदेही तय

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार इन घटनाओं को ‘छिटपुट’ कहकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकती। प्रवक्ता ने कहा कि हाल ही में एक हिंदू युवक की नृशंस हत्या और हिंदू परिवारों के घरों को जलाया जाना यह दर्शाता है कि वहां कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।

चौंकाने वाले आंकड़े

भारत ने पहली बार आधिकारिक तौर पर डेटा साझा करते हुए बताया कि:

  • यूनुस सरकार के कार्यकाल में अब तक अल्पसंख्यकों के खिलाफ 2,900 से अधिक हिंसा, आगजनी और प्रताड़ना की घटनाएं दर्ज की गई हैं।

  • हिंदू ही नहीं, बल्कि ईसाई, बौद्ध और सिख समुदाय के लोग भी कट्टरपंथियों के निशाने पर हैं।

  • भारत ने उन तमाम ‘नैरेटिव’ को खारिज कर दिया जिनमें इन सांप्रदायिक हमलों को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की जा रही थी।

“दोषियों को न्याय के कठघरे में लाना ही होगा। अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर भारत की नजर बनी हुई है और हम इसे अत्यंत गंभीरता से मॉनिटर कर रहे हैं।” — रणधीर जायसवाल, विदेश मंत्रालय


2. अमेरिका: H-1B वीजा इंटरव्यू रद्द होने से हजारों भारतीय अधर में

दूसरी ओर, भारत ने अमेरिका के समक्ष हजारों भारतीय नागरिकों के H-1B वीजा इंटरव्यू अचानक रद्द और स्थगित किए जाने का मुद्दा उठाया है।

सोशल मीडिया जांच बनी बाधा

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस महीने के मध्य से बड़ी संख्या में भारतीय आवेदकों के इंटरव्यू को मई 2026 तक के लिए टाल दिया गया है। इसका कारण आवेदकों के सोशल मीडिया पोस्ट और ऑनलाइन प्रोफाइल की ‘गहन जांच’ बताया जा रहा है।

भारत की चिंता

  • विदेश मंत्रालय को कई भारतीय नागरिकों से शिकायतें मिली हैं जिनका करियर इस देरी की वजह से दांव पर लग गया है।

  • भारत ने नई दिल्ली और वाशिंगटन डीसी, दोनों स्तरों पर अमेरिकी अधिकारियों से बात की है।

  • भारत का तर्क है कि हालांकि वीजा प्रक्रिया अमेरिका का संप्रभु अधिकार है, लेकिन भारतीय पेशेवरों के साथ होने वाला यह अनिश्चित व्यवहार चिंताजनक है।

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