फ्रांस के आर्थिक मंच पर भारत के मध्यम वर्ग और अर्थव्यवस्था पर बोलती हुईं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का प्रतीकात्मक चित्र।

भारत का ‘मिडिल क्लास’ है अर्थव्यवस्था का असली इंजन: निर्मला सीतारमण

भारत का ‘मिडिल क्लास’ है आर्थिक विकास का मुख्य इंजन, 500 नए शहर बनेंगे इकोनॉमिक हब: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बड़ा बयान”

नई दिल्ली/पेरिस: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में देश के ‘मध्यम वर्ग’ (Middle Class) की भूमिका को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण बयान दिया है।

उन्होंने स्पष्ट किया है कि भारत का मध्यम वर्ग अब केवल आर्थिक विकास का लाभार्थी नहीं रह गया है, बल्कि वह देश की वृद्धि का मुख्य इंजन (Growth Engine) बन चुका है।

वित्त मंत्री ने यह अहम टिप्पणी फ्रांस के प्रमुख आर्थिक मंच ‘रॉन्कोंट्रेस इकॉनमिक द ऐक्स-एन-प्रोवेन्स’ में ‘नए मध्यम वर्ग के उदय को कैसे बढ़ावा दिया जाए’ विषय पर आयोजित एक परिचर्चा के दौरान की।

31% आबादी मध्यम वर्ग, तेजी से हो रहा विस्तार

मंच को संबोधित करते हुए निर्मला सीतारमण ने भारत के जनसांख्यिकीय और आर्थिक बदलावों के आंकड़े सामने रखे:

  • वर्तमान में भारत की कुल आबादी का लगभग 31 प्रतिशत हिस्सा मध्यम वर्ग की श्रेणी में आता है।
  • देश में 1991 के आर्थिक उदारीकरण के बाद से मध्यम वर्ग सालाना आधार पर लगभग 6.3 प्रतिशत की तेज दर से बढ़ रहा है।

खर्च का 93% हिस्सा मिडिल क्लास और संपन्न वर्ग के पास

वित्त मंत्री ने खपत (Consumption) की ताकत पर जोर देते हुए कहा, “भारत में कुल खर्च का लगभग 93 प्रतिशत हिस्सा मध्यम वर्ग और अपेक्षाकृत संपन्न उपभोक्ताओं द्वारा किया जाता है।”

  • छोटे शहरों की ओर बढ़ता पैसा: उन्होंने बताया कि यह समृद्ध वर्ग अब केवल महानगरों (Metros) तक सीमित नहीं है, बल्कि दूसरी और तीसरी श्रेणी (Tier 2 और Tier 3) के शहरों में भी तेजी से फैल रहा है।
  • संपत्ति का यह वितरण अपने-आप ही महानगरों से आगे के शहरों तक फैलता हुआ दिखाई दे रहा है, जो एक बेहद सकारात्मक संकेत है।

2035 तक चीन को पीछे छोड़ देगा भारत

भविष्य के अनुमानों पर बात करते हुए निर्मला सीतारमण ने ओईसीडी (OECD) के एक अध्ययन का हवाला दिया।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार की विभिन्न दूरदर्शी नीतियों के चलते, वर्ष 2030 से 2035 के बीच भारत मध्यम वर्ग की जनसंख्या के मामले में चीन को पीछे छोड़कर आगे निकल सकता है।

500 शहर बनेंगे नए ‘आर्थिक केंद्र’

कोविड-19 महामारी के बाद के हालातों पर वित्त मंत्री ने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है। इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण ‘घरेलू मांग और मध्यम वर्ग की खपत’ है।

इसी मजबूत घरेलू मांग के कारण आज देश के लगभग 500 शहर नए आर्थिक गतिविधि केंद्रों (Economic Hubs) के रूप में विकसित होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

वित्त मंत्री का यह बयान वैश्विक पटल पर भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत स्थिति और उसकी बढ़ती क्रय शक्ति (Purchasing Power) को साफ तौर पर दर्शाता है।