मिसाइल डेवलपमेंट के फील्ड में भारत को मिली बड़ी कामयाबी, स्क्रैमजेट इंजन का किया गया टेस्ट

“डीआरडीओ के हैदराबाद स्थित रक्षा अनुसंधान और विकास प्रयोगशाला यानी डीआरडीएल को बड़ी सफलता मिली है। दरअसल मिसाइल डेवलपमेंट के क्षेत्र में भारत को एक बड़ी कामयाबी मिली है”

नई दिल्ली 26 / 04 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

मिसाइल डेवलपमेंट के फील्ड में भारत को शुक्रवार को एक बड़ी कामयाबी मिली है। नेक्स्ट जेनरेशन स्टेशन हाइपरसोनिक मिसाइल के क्षेत्र में भारत ने आज स्क्रैमजेट इंजन का टेस्ट किया। स्क्रैमजेट इंजन का शुक्रवार को ग्राउंड टेस्ट किया गया। हाइपरसोनिक वेपन टेक्नॉलोजी के डेवपलपमेंट में स्क्रैमजेट इंजन का ग्राउंड टेस्ट महत्वपूर्ण माना जाता है। करीब एक हजार सेकेंड तक इसका टेस्ट हुआ।

डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लेब्रोटरी ने पहली बार इतनी लंबी अवधि के लिए Active Cooled Scramjet इंजन का ग्राउंड टेस्ट किया। ये परीक्षण हैदराबाद के स्क्रैमजेट कनेक्ट टेस्ट फैसिलिटी सेंटर में किया गया। इस टेस्ट के साथ ही भारत अब अमेरिका, रूस, चीन जैसे उन देशों में शामिल हो गया है, जिन्होंने स्क्रैमजेट इंजन का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है।

दरअसल रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन यानी डीआरडीओ के हैदराबाद स्थित रक्षा अनुसंधान और विकास प्रयोगशाला यानी डीआरडीएल ने हाइपरसोनिक हथियार प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है।

25 अप्रैल 2025 को हैदराबाद में नवनिर्मित अत्याधुनिक स्क्रैमजेट कनेक्ट टेस्ट सुविधा में 1000 सेकेंड से अधिक समय तक एक्टिव कूल्ड स्क्रैमजेट सबस्केल कम्बस्टर का लंबी अवधि का ग्राउंड टेस्ट सफलतापूर्वक आयोजित किया।

बता दें कि यह इससे पहले 120 सेकेंड के लिए जनवरी 2025 में इसका टेस्ट किया गया था। इस परीक्षण के सफल होने के साथ ही यह प्रणाली जल्द ही पूर्ण पैमाने पर उड़ान योग्य कम्बस्टर परीक्षण के लिए तैयार हो जाएगी।

क्या होता है हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल

बता दें कि हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल एक ऐसा हथियार है जो आवाज की गति से 5 गुणा ज्यादा तेजी से (> 6100 किमी/घंटा) लंबी अवधी तक यात्रा कर सकता है। यह वुय श्वसन इंजन (एयर ब्रीदिंग इंजन) द्वारा संचालित होती है। वायु श्वसन प्रणोदन प्रणालियां, जिनमें सुपरसोनिक दहन होता है, लंबी अवधि की क्रूज स्थितियों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

यह परीक्षण लंबी अवधि के स्क्रैमजेट कम्बस्टर के डिज़ाइन और टेस्ट सुविधा की वैधता को सत्यापित करता है। यह डीआरडीओ प्रयोगशालाओं, उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के एकीकृत प्रयासों का परिणाम है और यह देश के हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल विकास कार्यक्रम के लिए एक मजबूत आधार तैयार करता है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ, उद्योग भागीदारों और शैक्षणिक संस्थानों को इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए बधाई दी है। उन्होंने इस सफलता को सरकार की राष्ट्र के लिए महत्वपूर्ण हाइपरसोनिक हथियार प्रौद्योगिकियों को साकार करने की दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब बताया।

रक्षा अनुसंधान और विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत ने महानिदेशक (मिसाइल और सामरिक प्रणालियाँ) श्री यू. राजा बाबू, निदेशक डीआरडीएल डॉ. जीए श्रीनिवास मूर्ति और पूरी टीम को 1,000 सेकंड से अधिक समय तक सुपरसोनिक दहन प्रदर्शित करने वाली अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों के लिए बधाई दी।

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