Leaders of the INDIA bloc participating in the 'March for Democracy' in New Delhi.

INDIA ब्लॉक का सुप्रीम कोर्ट मार्च: राहुल समेत 11 नेताओं की याचिका दाखिल

‘मार्च फॉर डेमोक्रेसी’: INDIA ब्लॉक का सुप्रीम कोर्ट मार्च, राहुल सहित 11 नेताओं ने दायर की याचिका (AAP गायब), मंगलवार को होगी सुनवाई”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित गड़बड़ियों और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर विपक्ष का गुस्सा सोमवार को दिल्ली की सड़कों पर नजर आया।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में ‘इंडिया’ (INDIA) ब्लॉक के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट की ओर ‘मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ (March for Democracy) निकाला।

इसके साथ ही, कांग्रेस की लीगल टीम ने सुप्रीम कोर्ट में एक औपचारिक याचिका भी दाखिल कर दी है,

जिसमें चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया पर रोक लगाने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की गई है।

याचिका में 11 बड़े नेता शामिल, लेकिन AAP ने बनाई दूरी

सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई इस याचिका में 11 प्रमुख याचिकाकर्ताओं (Petitioners) के नाम शामिल हैं।

लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) की तरफ से कोई भी नेता इस याचिका में शामिल नहीं है।

याचिकाकर्ताओं की सूची:

  1. राहुल गांधी (कांग्रेस)

  2. मल्लिकार्जुन खरगे (कांग्रेस)

  3. सौगत राय (TMC)

  4. अखिलेश यादव (SP)

  5. तेजस्वी यादव (RJD)

  6. संजय राउत (Shiv Sena-UBT)

  7. एम.ए. बेबी (CPI-M)

  8. डी. राजा (CPI)

  9. महुआ माजी (JMM)

  10. सुप्रिया सुले (NCP-SP)

  11. ई.टी. मोहम्मद बशीर (IUML)

प्रतिवादी (Respondents): इस याचिका में भारत के निर्वाचन आयोग (ECI), मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू को प्रतिवादी बनाया गया है।

सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को होगी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सोमवार को ही प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है।

कोर्ट की रजिस्ट्री को खामियां दूर करने को कहा गया है ताकि मामले को मंगलवार की सुनवाई सूची में शामिल किया जा सके।

मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ इस मामले पर सुनवाई करेगी।

संविधान क्लब से चला ‘मार्च फॉर डेमोक्रेसी’

इससे पहले, विपक्ष के तमाम दिग्गज नेता और समर्थक दिल्ली के संविधान क्लब में एकत्र हुए। वहां से 4 एसी बसों के जरिए वे बाराखंभा रोड जंक्शन पहुंचे और सुप्रीम कोर्ट की तरफ पैदल मार्च शुरू किया।

  • प्रमुख चेहरे: इस मार्च में प्रियंका गांधी वाड्रा, शशि थरूर, सचिन पायलट, सागरिका घोष, दीपांकर भट्टाचार्य, और योगेंद्र यादव समेत कई अन्य नेता मौजूद रहे।

  • पुलिस की बैरिकेडिंग: भगवान दास रोड पर भारी पुलिस बल ने बैरिकेडिंग कर मार्च को रोक दिया।

  • इसके बाद राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई नेता एक वाहन के ऊपर चढ़कर अपने समर्थकों को संबोधित करने लगे।

राहुल गांधी की CEC से अपील: “इस्तीफा दीजिए, सरकारी गवाह बनिए”

मार्च से पहले हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर CEC ज्ञानेश कुमार को बचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार के भीतर के ही कुछ अधिकारी विपक्ष को सूचनाएं दे रहे हैं।

राहुल ने ज्ञानेश कुमार को सीधे संबोधित करते हुए कहा, “इस्तीफा दीजिए, सरकारी गवाह बनिए। आपने गलती की है, लेकिन आप इस गलती के पीछे का असली दिमाग नहीं हैं।”

उन्होंने कहा कि विपक्ष की मुख्य लड़ाई उन ताकतों के खिलाफ है, जो चुनाव आयोग के फैसलों के पीछे काम कर रही हैं।

📊  (एक नज़र में) INDIA ब्लॉक का ‘सुप्रीम’ संग्राम

प्रमुख बिंदु (Key Highlights)

विस्तृत विवरण (Details)

🚶‍♂️ मार्च का नाम व रूट

‘मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ – संविधान क्लब से बाराखंभा रोड होते हुए सुप्रीम कोर्ट की ओर (भगवान दास रोड पर रोका गया)।

⚖️ सुप्रीम कोर्ट में याचिका

11 विपक्षी नेताओं ने मिलकर दाखिल की याचिका; आम आदमी पार्टी (AAP) का कोई नेता शामिल नहीं।

🎯 प्रमुख मांगें

1. SIR प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए।

2. CEC ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए।

🗓️ सुनवाई की तारीख

मंगलवार को CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ करेगी सुनवाई।

🗣️ राहुल गांधी का बयान

CEC ज्ञानेश कुमार से कहा— “इस्तीफा देकर सरकारी गवाह बन जाएं, आप इसके पीछे का दिमाग नहीं हैं।”