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मुंबई की बदलेगी तस्वीर: 22,672 करोड़ से पूर्वी तट बनेगा ‘ग्लोबल टूरिज्म हब’, सोनोवाल ने पेश किया 2047 का रोडमैप

“देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के पूर्वी तट (Eastern Waterfront) की सूरत अब पूरी तरह बदलने वाली है”

मुंबई/नई दिल्ली | Reporting by shilpa : The Politics Again ब्यूरो

केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने मुंबई बंदरगाह प्राधिकरण (MbPA) की समीक्षा बैठक के दौरान 22,672 करोड़ रुपये की महात्वाकांक्षी परियोजना की पुष्टि की है।

इसका उद्देश्य 2047 तक मुंबई को एक वैश्विक समुद्री, रसद और पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करना है।

विकास के दो समानांतर ट्रैक

केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने स्पष्ट किया कि यह कायाकल्प दो मुख्य रणनीतियों पर आधारित होगा। पहला, मुंबई बंदरगाह की माल ढुलाई (Cargo) क्षमता को मजबूत करना और दूसरा, बंदरगाह की कम उपयोग वाली जमीनों को पर्यटन, शहरी विकास और व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए विकसित करना।

150 मिलियन टन कार्गो और ऊर्जा सुरक्षा ‘

मैरिटाइम अमृत काल विजन 2047′ के तहत मुंबई बंदरगाह का लक्ष्य 2047 तक 150 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) की माल ढुलाई क्षमता हासिल करना है।

इसमें जवाहर द्वीप और पीरपाऊ में कच्चे तेल और एलएनजी (LNG) की आवाजाही पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके अलावा, जवाहर द्वीप पर 22 मीट्रिक टन क्षमता वाला छठा तेल बर्थ भी विकसित किया जाएगा।

पर्यटकों के लिए विश्व स्तरीय मरीना और सेलिंग स्कूल

आम जनता और पर्यटकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण ‘विकसित भारत मुंबई मरीना’ होगा। 887 करोड़ रुपये के निवेश से बनने वाला यह भारत का पहला और सबसे बड़ा विश्व स्तरीय मरीना होगा।

इसके साथ ही, ‘नमो भारत इंटरनेशनल सेलिंग स्कूल’ की स्थापना की जाएगी, जो युवाओं को नौकायन (Sailing) और जल क्रीड़ाओं में प्रशिक्षित करेगा।

रोजगार और अर्थव्यवस्था को बूस्ट

इस परियोजना के दूरगामी आर्थिक परिणाम होंगे। अनुमान है कि इन एकीकृत परियोजनाओं से लगभग 5.5 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। साथ ही, 2047 तक हर साल 2.5 करोड़ से अधिक पर्यटकों के आने की उम्मीद है।

मछली घाट का आधुनिकीकरण और क्रूज टूरिज्म

परंपरागत आजीविका को बढ़ावा देने के लिए मल्लेट बंदर में 132 करोड़ रुपये से आधुनिक मछली घाट बनाया जाएगा, जिससे ट्रॉलरों की क्षमता 300 से बढ़कर 1,200 हो जाएगी।

वहीं, प्रिंसेस डॉक पर 5,500 करोड़ रुपये की लागत से एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र (MICE) प्रस्तावित है, जो वैश्विक व्यापार सम्मेलनों का गंतव्य बनेगा।

मंत्री का बयान

सर्बानंद सोनोवाल ने कहा,

“प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मुंबई के पूर्वी तट का कायाकल्प भारत को एक अग्रणी समुद्री राष्ट्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह न केवल व्यापार बढ़ाएगा बल्कि मुंबई को दुनिया के बेहतरीन तटीय शहरों की कतार में खड़ा करेगा।”

Santosh SETH

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