लखनऊ बाढ़ : इकाना स्टेडियम तक जलभराव, 3000 घरों में घुसा पानी
लखनऊ में गोमती नदी का रौद्र रूप: इकाना स्टेडियम और प्लासियो मॉल तक पहुंचा पानी, घैला गांव में हाहाकार”
लखनऊ: द पॉलिटिक्स अगेन : सतेंद्र पटेल की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पिछले कई दिनों से गोमती नदी में आई बाढ़ (Flood) लगातार अपना रौद्र रूप दिखाती जा रही है।
शहर के रिहायशी इलाकों से लेकर प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों तक बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है।
प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद कई इलाके टापू में तब्दील हो गए हैं और लोग पलायन को मजबूर हैं।
मैच खत्म होते ही खोला गया पानी, इकाना स्टेडियम और प्लासियो मॉल तक जलभराव
बाढ़ का पानी अब लखनऊ के पॉश और महत्वपूर्ण इलाकों तक पहुंच चुका है। मंगलवार को इकाना स्टेडियम (Ekana Stadium) में होने वाले मैच के मद्देनजर स्टेडियम के आसपास के पानी को अस्थायी तौर पर रोक दिया गया था।
लेकिन, मैच खत्म होने के बाद बुधवार को जैसे ही पानी खोला गया, स्थिति बेकाबू हो गई।स्टेडियम के सामने और उसके आगे प्लासियो मॉल (Palassio Mall) तक पानी का स्तर तेजी से बढ़ने लगा।
दोपहर तक जहां जलभराव कुछ इंच था, वहीं देखते ही देखते पानी डेढ़ से दो फीट तक पहुंच गया।सूत्रों के अनुसार, पानी का फ्लो खोलते ही इस पूरे इलाके में बाढ़ जैसी नौबत आ गई है।
इससे पहले शहर के मध्य स्थित मरीन ड्राइव और हनुमंत धाम जैसे इलाके पहले ही जलमग्न हो चुके हैं।
दुबग्गा और आसपास के गांवों में भारी तबाही, 3000 घरों में घुसा पानी
दुबग्गा के लालजी टंडन वार्ड क्षेत्र में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। हयात नगर न्यू कॉलोनी से बुधवार को 40 से अधिक परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
इसके अलावा टाड़खेड़ा, सैथा, उमरावखेड़ा, गुलमीखेड़ा, सुखलालखेड़ा और धनसिंहखेड़ा समेत लगभग एक दर्जन गांवों के करीब 3,000 घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है।
जोनल अधिकारी अमरजीत यादव ने बताया कि सूचना मिलते ही नावों के जरिए परिवारों को उनकी गृहस्थी के सामान सहित सुरक्षित निकालकर रैन बसेरों में पहुंचाया जा रहा है।
उमरावखेड़ा में पशुपालकों की परेशानी सबसे अधिक बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट पर है। सीएचसी अधीक्षक केडी मिश्रा ने बताया कि बुधवार को 134 मेडिकल किट बांटी गईं, जबकि पिछले तीन दिनों में कुल 807 किट वितरित की जा चुकी हैं।
डॉक्टरों की टीम ने 257 घरों का सर्वे किया है। दो गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित सीएचसी भेजा गया, जहां एक महिला का सामान्य प्रसव हुआ है।
घैला गांव पूरी तरह डूबा, प्रशासन पर अनदेखी का आरोप
गोमती के बढ़ते जलस्तर से घैला गांव (Ghaila Village) पूरी तरह से बाढ़ की चपेट में आ गया है। करीब 6,000 की आबादी वाले इस गांव के चारों ओर पानी भर चुका है।
आईआईएम रोड (IIM Road) से गांव को जोड़ने वाला इकलौता रास्ता 3-4 फीट पानी में डूब गया है, जिससे ग्रामीणों का संपर्क कट गया है।
घरों में पानी घुसने और चारे का संकट खड़ा होने के बाद पशुपालक अपने मवेशियों को लेकर आईआईएम रोड के किनारे शरण लेने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रशासन का पूरा ध्यान मामा कॉलोनी, पवन विहार और दाऊदनगर पर है,
जबकि घैला गांव को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है। गांव में अब तक राहत सामग्री, चारा या पीने के साफ पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो पाई है।
लखनऊ में गोमती की बाढ़: एक नजर में प्रभावित इलाके
| क्षेत्र / इलाका | वर्तमान स्थिति एवं प्रभाव |
| इकाना स्टेडियम व प्लासियो मॉल | मैच के बाद पानी खोलने से डेढ़ से दो फीट तक जलभराव। |
| मरीन ड्राइव व हनुमंत धाम | पिछले एक सप्ताह से पूरी तरह जलमग्न। |
| हयात नगर (दुबग्गा) | 40 से अधिक परिवारों को सुरक्षित रैन बसेरों में भेजा गया। |
| सैथा, उमरावखेड़ा समेत दर्जनभर गांव | करीब 3,000 घरों में घुसा बाढ़ का पानी, चोरी का भय। |
| घैला गांव (IIM रोड) | 6,000 की आबादी वाला गांव टापू बना, रास्ता 4 फीट पानी में डूबा। |
| प्रशासनिक राहत कार्य | 807 मेडिकल किट वितरित, नावों से रेस्क्यू, गर्भवती महिलाओं को मदद। |
| ग्रामीणों का आरोप (घैला गांव) | राहत सामग्री, चारे और साफ पानी की भारी कमी, प्रशासन पर अनदेखी का आरोप। |











