ग्रामीण विकास मंत्रालय ने ग्रामीण रोजगार और आजीविका मिशन के तहत जल सुरक्षा, बुनियादी ढांचे और आपदा तैयारी सहित 375 नए कार्यों की सूची जारी की है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय का बड़ा कदम: VB-G RAM G के तहत 375 नए ग्रामीण कार्यों की सूची जारी, जल सुरक्षा और आपदा प्रबंधन पर विशेष फोकस”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने और रोजगार के साथ-साथ टिकाऊ बुनियादी ढांचे के निर्माण को गति देने के उद्देश्य से, ग्रामीण विकास मंत्रालय ने एक बड़ा फैसला लिया है।
मंत्रालय ने ‘विकसित भारत – रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) [VB-G RAM G] अधिनियम, 2025’ के अंतर्गत स्वीकार्य (अनुमेय) कार्यों की एक नई और व्यापक अनुसूची अधिसूचित की है।
इस नए ढांचे के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के लिए कुल 375 स्वीकार्य कार्य (Permissible Works) शामिल किए गए हैं।
नई अनुसूची पिछली योजना (जिसमें 266 कार्य थे) की तुलना में कार्यों के दायरे में 41 प्रतिशत का बड़ा विस्तार दर्शाती है।
इन 375 कार्यों को केवल संपत्ति निर्माण तक सीमित न रखकर, उन्हें ग्रामीण आजीविका और मापनीय विकास परिणामों (Scalable Development Outcomes) के साथ जोड़ा गया है।
सभी कार्यों की योजना ‘विकसित ग्राम पंचायत योजना’ के तहत बनाई जाएगी, जिसे ग्राम सभा की मंजूरी के बाद ‘विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण बुनियादी ढांचा स्टैक’ (Digital Monitoring System) के जरिए ट्रैक किया जाएगा।
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इन 375 कार्यों को मुख्य रूप से चार विषयगत स्तंभों (Thematic Pillars) के तहत पुनर्गठित किया है:
जल सुरक्षा (128 कार्य – सर्वाधिक): जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस श्रेणी में चेक डैम, भूमिगत बांध, रिचार्ज शाफ्ट, नदियों और नालों का पुनरुद्धार, छतों पर वर्षा जल संचयन, ड्रिप सिंचाई और बर्फ-स्तूपों (कृत्रिम हिमनदों) के निर्माण जैसे कार्य शामिल किए गए हैं।
मुख्य ग्रामीण बुनियादी ढांचा (111 कार्य): गांवों को आधुनिक बनाने के लिए सौर स्ट्रीट लाइटिंग, ग्रे-वॉटर उपचार इकाइयां, अपशिष्ट रीसाइक्लिंग संयंत्र, ग्रामीण पुस्तकालय, बहुउद्देशीय युवा केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) और जल जीवन मिशन के बुनियादी ढांचे की मरम्मत को शामिल किया गया है।
आजीविका से जुड़ा बुनियादी ढांचा (98 कार्य): इस श्रेणी में पिछली योजना (1.1%) के मुकाबले भारी वृद्धि (26%) की गई है। इसमें कृषि-प्रसंस्करण इकाइयां, मिनी आटा मिलें, कोल्ड स्टोरेज (शीत भंडारण), डेयरी अवसंरचना, मशरूम और रेशम उत्पादन शेड, और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के लिए ‘शी मार्ट’ व प्रशिक्षण केंद्र शामिल हैं।
आपदा तैयारी और जलवायु अनुकूलन (38 कार्य): पहली बार आपदा प्रबंधन के लिए एक अलग श्रेणी बनाई गई है। इसमें बाढ़ राहत आश्रय स्थल, तटबंधों का सुदृढ़ीकरण, जंगल की आग (Forest Fire) रोकने के लिए फायर लाइन और भूस्खलन व चक्रवात से बचाव के उपाय शामिल किए गए हैं।
इस नई अनुसूची में 181 कार्य सीधे तौर पर कृषि और संबद्ध गतिविधियों से जुड़े हैं। अंत्योदय और कमजोर परिवारों के लिए 107 कार्य निर्धारित किए गए हैं (जिनमें आवास और स्वच्छता शामिल है)।
‘नारी शक्ति’ और ‘युवा शक्ति’ के सशक्तिकरण के लिए 36-36 विशेष कार्य जोड़े गए हैं। इसके अतिरिक्त, सरकारी भवनों में दिव्यांगजनों के लिए रैंप बनाने और सीमावर्ती क्षेत्रों में आपातकालीन आश्रय स्थल बनाने का भी स्पष्ट प्रावधान है।
यह नया ग्रामीण कार्य ढांचा ‘विकसित भारत@2047’ के विजन को साकार करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
| विषयगत स्तंभ / श्रेणी | स्वीकृत कार्यों की संख्या | प्रमुख उदाहरण / फोकस |
| जल सुरक्षा (Water Security) | 128 कार्य | चेक डैम, रिचार्ज शाफ्ट, वर्षा जल संचयन, बर्फ-स्तूप (कृत्रिम हिमनद) |
| मुख्य ग्रामीण अवसंरचना | 111 कार्य | सौर स्ट्रीट लाइट, अपशिष्ट रीसाइक्लिंग, ग्रामीण पुस्तकालय, युवा केंद्र |
| आजीविका और मूल्य श्रृंखला | 98 कार्य | कृषि-प्रसंस्करण, कोल्ड स्टोरेज, मिनी आटा मिलें, SHG के लिए ‘शी मार्ट’ |
| आपदा तैयारी एवं अनुकूलन | 38 कार्य | बाढ़ राहत आश्रय, तटबंध मजबूती, फायर लाइन, भूस्खलन बचाव |
| कृषि एवं संबद्ध गतिविधियां | 181 कार्य | जल, भूमि, वृक्षारोपण और पशुधन से संबंधित (52 व्यक्तिगत लाभार्थी कार्य) |
| अंत्योदय / कमजोर परिवार | 107 कार्य | आवास, स्वच्छता, ऊर्जा (68 व्यक्तिगत लाभार्थी कार्य) |
| विशेष सशक्तिकरण | 72 कार्य | नारी शक्ति (36 कार्य) और युवा शक्ति (36 कार्य) के लिए बुनियादी ढांचा |
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