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राहुल-प्रियंका पर लाठीचार्ज के विरोध में 8 अक्टूबर को ‘काला दिवस

कांग्रेस ने 8 अक्टूबर को घोषित किया ‘काला दिवस’: राहुल-प्रियंका और सांसदों पर हुए ‘लाठीचार्ज’ के खिलाफ आज देशभर में होगा व्यापक विरोध प्रदर्शन”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

निर्वाचन आयोग (ECI) की कार्यप्रणाली को लेकर सड़क पर उतरा ‘इंडिया ब्लॉक’ (INDIA Bloc) का विरोध प्रदर्शन अब एक बड़े देशव्यापी आंदोलन का रूप लेता जा रहा है।

कांग्रेस पार्टी ने मंगलवार (7 अक्टूबर 2026) की घटना को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का ‘काला दिवस’ (Black Day) करार देते हुए, बुधवार (8 अक्टूबर) को पूरे देश में व्यापक विरोध प्रदर्शन का ऐलान कर दिया है।

 

पार्टी का आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने शांतिपूर्ण मार्च निकाल रहे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और विपक्षी सांसदों के साथ न केवल बदसलूकी की, बल्कि उन पर बल प्रयोग और ‘लाठीचार्ज’ (Lathi-charge) भी किया गया।

सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर किया विरोध का ऐलान

कांग्रेस पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक विस्तृत पोस्ट के जरिए इस देशव्यापी प्रदर्शन की आधिकारिक घोषणा की।

पार्टी आलाकमान ने अपने सभी प्रदेश अध्यक्षों (PCC), जिला और ब्लॉक स्तर के संगठनों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे 8 अक्टूबर को अपने-अपने क्षेत्रों में सड़कों पर उतरें और सरकार व पुलिस की दमनकारी नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन आयोजित करें।

शांतिपूर्ण मार्च पर बल प्रयोग और लाठीचार्ज का आरोप

कांग्रेस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया ब्लॉक के करीब 300 सांसद निर्वाचन आयोग से ‘जवाबदेही की मांग’ को लेकर जंतर-मंतर से होते हुए शांतिपूर्ण तरीके से ‘निर्वाचन सदन’ की ओर बढ़ रहे थे।

पार्टी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस ने जानबूझकर उनके शांतिपूर्ण मार्च को रोका।

कांग्रेस का दावा है कि इस दौरान राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और इंडिया ब्लॉक के अन्य वरिष्ठ सांसदों के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की की गई, उन्हें जबरन घसीटा गया और यहां तक कि पुलिस द्वारा उन पर लाठीचार्ज भी किया गया।

‘संविधान और लोकतंत्र पर सीधा हमला’

कांग्रेस ने पुलिस की इस कार्रवाई को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अलोकतांत्रिक बताया है। पार्टी ने कहा, “जनता द्वारा चुने गए निर्वाचित जनप्रतिनिधियों (Elected Representatives) के साथ इस तरह का बर्बर और बलपूर्वक व्यवहार सीधे तौर पर भारत के संविधान (Constitution) पर हमला है।

केंद्र सरकार और प्रशासन के इशारे पर विपक्ष की आवाज को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है।”

बुधवार (8 अक्टूबर) को होने वाले इस देशव्यापी विरोध प्रदर्शन को लेकर राज्यों में भारी पुलिस बल और प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है, क्योंकि कांग्रेस कार्यकर्ता राज्य से लेकर ब्लॉक स्तर तक बड़ा प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं।

कांग्रेस का ‘काला दिवस’ और देशव्यापी प्रदर्शन: एक नजर में

विषय / पहलू महत्वपूर्ण जानकारी
विरोध का दिन और कारण 8 अक्टूबर 2026 (‘काला दिवस’ – Black Day)
कांग्रेस का मुख्य आरोप राहुल-प्रियंका और विपक्षी सांसदों पर बल प्रयोग व ‘लाठीचार्ज’
मार्च का उद्देश्य निर्वाचन आयोग से जवाबदेही की मांग
मार्च का नेतृत्व मल्लिकार्जुन खरगे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी
प्रदर्शन का दायरा देशभर में राज्य (PCC), जिला और ब्लॉक स्तर पर
कांग्रेस का बयान “चुने हुए प्रतिनिधियों के साथ बल प्रयोग सीधे तौर पर संविधान पर हमला है।”
तात्कालिक घटना दिल्ली पुलिस द्वारा मार्च को रोकना और सांसदों को हिरासत में लेना