‘10% आबादी और बढ़ी तो स्वतः बांग्लादेश में मिल जाएगा असम’ – सीएम हिमंत
“असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने राज्य की बदलती जनसांख्यिकी को लेकर एक बार फिर बड़ा और चौंकाने वाला दावा किया है”
गुवाहाटी 24 / 12 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट
उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि असम में बांग्लादेशी मूल के लोगों की आबादी में 10 प्रतिशत का और इजाफा होता है, तो असम को अलग करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, वह ‘स्वतः’ ही पड़ोसी देश का हिस्सा बन जाएगा।
मुख्यमंत्री के बयान के मुख्य बिंदु
एक आधिकारिक कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने निम्नलिखित बातें कहीं:
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वर्तमान स्थिति: सीएम के अनुसार, असम की वर्तमान आबादी में लगभग 40 प्रतिशत लोग बांग्लादेशी मूल के हैं।
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भविष्य की चेतावनी: उन्होंने कहा, “अगर यह संख्या 10 प्रतिशत और बढ़कर 50 प्रतिशत तक पहुंच जाती है, तो असम का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। मैं पिछले 5 वर्षों से लगातार इसी मुद्दे पर अलार्म बजा रहा हूँ।”
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प्रतिक्रिया: यह बयान बांग्लादेशी नेता हसनत अब्दुल्ला (नेशनल सिटिजन पार्टी) की उस टिप्पणी के जवाब में आया है, जिसमें उन्होंने भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को अलग-थलग करने और अलगाववादी तत्वों को समर्थन देने की बात कही थी।
सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने वालों पर कार्रवाई
बयानों के साथ-साथ असम पुलिस जमीन पर भी सख्त कार्रवाई कर रही है। कामरूप जिले में एक युवक की गिरफ्तारी इसका ताजा उदाहरण है:
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आरोप: गिरफ्तार युवक ने बांग्लादेश में एक हिंदू युवक की पीट-पीटकर की गई हत्या का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था।
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अपराध: उसने न केवल वीडियो पोस्ट किया, बल्कि फेसबुक और इंस्टाग्राम पर इस जघन्य अपराध का समर्थन भी किया। पुलिस ने इसे सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश मानते हुए तुरंत कार्रवाई की।
पूर्वोत्तर में बढ़ता तनाव: एक नजर में
| मुद्दा | विवरण |
| जनसांख्यिकी (Demography) | सीएम के अनुसार 40% आबादी बांग्लादेशी मूल की है। |
| विवादित बयान | बांग्लादेशी नेता द्वारा पूर्वोत्तर को ‘अलग’ करने की धमकी। |
| कानूनी कार्रवाई | सोशल मीडिया पर हिंसा का समर्थन करने वालों की गिरफ्तारी। |
| सरकारी रुख | घुसपैठ और अवैध प्रवासियों पर ‘जीरो टॉलरेंस’। |











