हिमाचल / मंडी समाचार – उचित मूल्य की दुकान पर आटा-चावल और तेल के दामों में हुई बढ़ोतरी
“उचित मूल्य की दुकान पर आटा-चावल और तेल के दामों में हुई बढ़ोतरी सरकार ने इस महीने से बढ़ा दिए आटा-चावल के दाम, तेल के दाम पहले से बढ़े हुए एपीएल के साथ-साथ बीपीएल की श्रेणी में भी की गई है बढ़ोतरी लोग बोले- सरकार को सभी का रखना चाहिए ख्याल, न बढ़ाए जाएं दाम”
मंडी 23 / 09 / 2024 नीतू कौशल की रिपोर्ट
प्रदेश सरकार की उचित मूल्यों की दुकान यानी राशन के डिपो पर रियायती दरों पर मिलने वाले राशन के दामों में बढ़ोतरी हो गई है। आटा-चावल के दामों में इसी महीने से बढ़ोतरी की गई है जबकि तेल के दाम पिछले महीने से ही बढ़ा दिए गए थे।
सरकार ने एपीएल के साथ-साथ बीपीएल कोटे के राशनकार्ड धारकों की दरों में भी बढ़ोतरी की है। एपीएल की बात करें तो इसमें आटा 9 रूपए 30 पैसे प्रति किलो की दर से मिलता था, उसमें अब 2 रूपए 70 पैसे की बढ़ोतरी करके 12 रूपए प्रति किलो की दर से दिया जा रहा है।
चावल पहले 10 रूपए में मिलता था, इसमें 3 रूपयों की बढ़ोतरी करके 13 रूपयों में दिया जा रहा है। बीपीएल श्रेणी को दिए जाने वाले एकस्ट्रा राशन की दरों में भी बढ़ोतरी की गई है।
निर्धारित कोटे की दरों में कोई बदवाल नहीं किया गया है लेकिन एकस्ट्रा राशन लेने की जो लिमिट तय की गई है उसकी दरों में इजाफा किया गया है।
बीपीएल श्रेणी को आटा पहले 7 रूपए प्रति किलो की दर से मिलता था जिसमें 2 रूपए 30 पैसे की बढ़ोतरी करके 9 रूपए 30 पैसे कर दिया गया है।
इसी तरह से चावल पहले 6 रूपए 85 पैसे प्रति किलो की दर से मिलते थे जिसमें अब 3 रूपए 15 पैसों की बढ़ोतरी करके 10 रूपए प्रति किलो की दर से दिया जा रहा है।
इसके अलावा सरसों तेल पहले 113 रूपए प्रति लीटर की दर से मिलता था जोकि पिछले महीने से 123 रूपए प्रति लीटर कर दिया गया है। तेल के दाम एपीएल और बीपीएल के लिए एक जैसे ही हैं।
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले जिला मंडी के नियंत्रक विजय सिंह हमलाल ने बताया कि तेल की नई दरें पिछले महीने से जबकि आटा और चावल की नई दरें इस महीने से लागू कर दी गई हैं।
मंडी शहर के उपभोक्ताओं ने बढ़ाए गए दामों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सरकार से निम्न वर्ग के लोगों को रियायत जारी रखने की अपील की है।
उपभोक्ता कुसुम, हरिप्रिया और तारा शर्मा ने कहा कि सरकार राशन की गुणवत्ता पर ध्यान दे और निम्न वर्ग के लिए रियायतों को जारी रखे, ताकि सरकारी राशन से ऐसे परिवारों का गुजर-बसर सही ढंग से हो सके।











