हिमाचल/मंडी समाचार – शिमला के बाद अब मंडी में मस्जिद के अवैध निर्माण पर बवाल

“शिमला शहर के बाद अब नगर निगम मंडी में भी अवैध निर्माण के आरोपों में घिरी मस्जिद के मामले ने तूल पकड़ लिया है। शिमला की तरह ही मंडी में भी लोग सडक़ों पर उतर आए हैं”
मंडी 11 / 09 / 2024 नीतू कौशल की रिपोर्ट
मंगलवार को विभिन्न हिंदू संगठनों के सदस्यों ने अवैध मस्जिद निर्माण को लेकर खूब प्रदर्शन किया।
निगम कार्यालय के बाहर विभिन्न हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों ने हनुमान चालिसा का पाठ भी किया।
प्रदर्शनकारियों ने निगम कार्यालय के बाहर नारेबाजी करने के बाद शहर में रैली निकालते हुए मस्जिद भवन तक जाने का प्रयास भी किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें स्कोडी पुल से वापस भेज दिया।
प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान अवैध मस्जिद को सील करने की भी मांग की। प्रदर्शन को देखते हुए जिला पुलिस प्रशासन द्वारा बड़ी संख्या में पुलिस और क्यूआरटी की भी तैनाती मौके पर की गई। बता दें कि मंडी शहर के पैलेस वार्ड में जेल रोड पर एक पुराना मस्जिद भवन है।
आरोप है कि यह मस्जिद लोक निर्माण विभाग की भूमि पर बनाई गई है। इसके साथ ही पिछले कुछ वर्षों में मस्जिद संचालकों ने ढांचे कुछ हिस्से को तोड़ कर पक्के भवन का निर्माण कर दिया है।
नगर निगम ने मस्जिद संचालकों को नोटिस भी दिए गए, लेकिन उसके बाद भी निर्माण कार्य जारी रहा।
इसी मामले को लेकर मंगलवार को नगर निगम आयुक्त कोर्ट में निगमायुक्त की अध्यक्षता में सुनवाई भी हुई।
निगम के भीतर कार्ट में इस मामले जहां सुनवाई हो रही थी तो वहीं बाहर अवैध निमार्ण के विरोध में हिंदू संगठन खूब गरजे। समाजसेवी गोपाल कपूर ने कहा कि यह मस्जिद भवन पूरी तरह से अवैध निर्माण है।
नगर निगम की छह सदस्यी टीम करेगी जांच
अवैध मस्जिद के मामले की जांच नगर निगम आयुक्त कोर्ट में चली है, जहां मंगलवार को मस्जिद संचालक आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं करवा सके हैं।
इसमें नगर निगम का अन्नापत्ति प्रमाण पत्र, लोक निर्माण विभाग की एनओसी और भवन का नक्शा नहीं मिला है।
नगर निगम मंडी के आयुक्त एचएस राणा ने बताया कि मस्जिद को लोक निमार्ण विभाग की ओर से एनओसी नहीं मिली है, जिस कारण नगर निगम मंडी ने भी नक्शा पास नहीं किया है।
मामले की जांच के लिए निगम द्वारा छह लोगों की टीम अतिरिक्त आयुक्त की अध्यक्षता में बनाई है।
इसमें लोक निर्माण विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग और अन्य संबंधित पक्षों को शामिल किया गया है। इस मामले की सुनवाई अब 12 सितंबर को होगी।
नोटिस भेजने के बाद भी जारी रहा अवैध निर्माण
नगर निगम मंडी के समक्ष यह मामला ध्यान में आने के बाद इसी वर्ष मस्जिद संचालकों को तीन नोटिस भेजे जा चुके हैं, लेकिन नोटिस मिलने के बाद भी निर्माण कार्य जारी रहा।











