हिमाचल : एक दुल्हन और दो दूल्हे! चर्चा का विषय बनी ये अनोखी शादी
“हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र के एक गांव में हुई एक अनोखी शादी इन दिनों चर्चा में है। जहां की एक युवती ने थिंडो परिवार के 2 सगे भाइयों से शादी रचाई है। यह शादी 12 से 14 जुलाई 2025 के बीच पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुई, जिसमें गांव के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया”
सिरमौर 20 / 07 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश के शिलाई गांव में हाटी जनजाति के 2 भाइयों ने बहुपति की प्राचीन परंपरा के तहत एक ही लड़की से शादी की। इस अनूठी शादी के कई लोग गवाह बने। दुल्हन सुनीता चौहान और दूल्हे प्रदीप और कपिल नेगी ने कहा कि उन्होंने बिना किसी दबाव के यह फैसला लिया है।
सिरमौर जिले के ट्रांसगिरी इलाके में इस विवाह की रस्में 12 जुलाई को शुरू हुई और तीन दिनों तक चली। इस दौरान स्थानीय लोकगीतों और नृत्यों की प्रस्तुति हुई। इस विवाह समारोह के वीडियो इंटरनैट पर प्रसारित हो रहे हैं।
दुल्हन ने कहा-बिना दवाब लिया निर्णय
कुन्हाट गांव की रहने वाली सुनीता ने कहा कि वह इस परंपरा से अवगत थीं और उन्होंने बिना किसी दबाव के यह निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि वह इस नए संबंध का सम्मान करती हैं।
दुल्हे बोले-मिलकर लिया फैसला
शिलाई गांव के प्रदीप एक सरकारी विभाग में काम करते हैं जबकि उनके छोटे भाई कपिल विदेश में नौकरी करते हैं। प्रदीप ने कहा, ‘‘हमने सार्वजनिक रूप से इस परंपरा का पालन किया, क्योंकि हमें इस पर गर्व है और यह मिलकर लिया गया एक फैसला था।”
कपिल ने कहा कि वह भले ही विदेश में रहते हों, लेकिन इस विवाह के माध्यम से, ‘‘हम एक संयुक्त परिवार के रूप में अपनी पत्नी के लिए समर्थन, स्थिरता और प्यार सुनिश्चित कर रहे हैं”। उन्होंने कहा, ‘‘हमने हमेशा पारदर्शिता में विश्वास किया है।”
कभी हाटियों में थी बहुपति प्रथा ताकि पैतृक भूमि का बंटवारा न हो
हिमाचल प्रदेश-उत्तराखंड सीमा पर बसी हाटी जनजाति को तीन साल पहले अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिया गया था। इस जनजाति में सदियों से बहुपति प्रथा प्रचलित थी, लेकिन महिलाओं में बढ़ती साक्षरता और क्षेत्र में समुदायों के आर्थिक उत्थान के कारण बहुपति के मामले हाल में सामने नहीं आए थे। गांव के बुजुर्गों ने बताया कि इस तरह की शादियां गुप्त तरीके से की जाती हैं और समाज द्वारा स्वीकार की जाती हैं, लेकिन ऐसे मामले कम होते हैं।
कहां हुई ये शादी?
मिली जानकारी के मुताबिक, यह अनूठा विवाह शिलाई क्षेत्र के कुन्हट गांव में हुआ। इस शादी ने एक बार फिर उस परंपरा को जिंदा कर दिया है जो यहां सदियों से चली आ रही बहुपति प्रथा (Polyandry) के नाम से जानी जाती है।
क्या है बहुपति प्रथा?
बहुपति प्रथा यानी एक महिला का एक से अधिक पुरुषों (अक्सर सगे भाइयों) से विवाह करना। शिलाई के हाटी समुदाय में इस प्रथा को ‘उजला पक्ष’ कहा जाता है। स्थानीय भाषा में इसे ‘जोड़ीदार प्रथा’ भी कहते हैं।
पढ़े-लिखे दूल्हे, समाज का समर्थन
इस शादी की एक खास बात यह भी है कि दोनों दूल्हे पढ़े-लिखे और नौकरीपेशा हैं। एक भाई हिमाचल प्रदेश के जल शक्ति विभाग में कार्यरत है। दूसरा भाई विदेश में नौकरी करता है। गांव वालों ने इस विवाह को पूरी सहमति और पारंपरिक सम्मान के साथ स्वीकार किया। समाज ने इसे संस्कृति और परंपरा से जुड़ी सकारात्मक पहल बताया है।
परंपरा का उद्देश्य क्या है?
जानकारों के अनुसार इस प्रथा के पीछे संयुक्त परिवार को बनाए रखने और संपत्ति के बंटवारे से बचने का मकसद होता है। इससे भाई आपस में बंटते नहीं और परिवार की एकता बनी रहती है।
क्या यह प्रथा कानूनी है?
हां, हिमाचल प्रदेश में यह परंपरा कानूनी रूप से मान्य है। इसलिए समाज इसे अवैध या गलत नहीं मानता। लोग इसे एक संवेदनशील सामाजिक व्यवस्था के रूप में देखते हैं।
किन्नौर, लाहौल-स्पीति में भी मौजूद
बहुपति प्रथा सिर्फ शिलाई तक सीमित नहीं है। हिमाचल के अन्य पहाड़ी जिलों जैसे किन्नौर, लाहौल-स्पीति में भी यह परंपरा अब भी कहीं-कहीं जीवित है, हालांकि अब बहुत कम देखने को मिलती है।











