हिमाचल / बद्दी: फूड लाइसेंस की आड़ में नशीली दवाएं, मालिक गिरफ्तार
बद्दी: फूड लाइसेंस की आड़ में बन रही थीं नशीली दवाएं; ‘एश केमिकल कंपनी’ का मालिक गिरफ्तार, 5 दिन की पुलिस रिमांड पर”
बद्दी (सोलन)/शिमला: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में पुलिस और ड्रग विभाग ने नशीली और नकली दवाओं के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने कड़ा एक्शन लेते हुए एक दवा कंपनी के मालिक को गिरफ्तार कर लिया है।
प्रारंभिक जांच में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी कंपनी मालिक के पास ‘फूड लाइसेंस’ (Food License) था, जिसकी आड़ में वह नशीली दवाओं और अन्य अवैध औषधियों का बड़े पैमाने पर निर्माण कर रहा था।
अदालत ने आरोपी मालिक को पूछताछ के लिए पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
चॉकलेट के लाइसेंस पर बन रहा था ‘नशे का जहर’
पुलिस की विस्तृत जांच के अनुसार, बद्दी स्थित ‘एश केमिकल कंपनी’ के मालिक अंकित (निवासी कानपुर, उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया गया है।
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लाइसेंस का फर्जीवाड़ा: इस कंपनी को चॉकलेट समेत अन्य फूड आइटम (खाद्य सामग्री) बनाने का फूड लाइसेंस मिला हुआ था।
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अवैध कारोबार: इसी लाइसेंस की आड़ में कंपनी के अंदर ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के नियमों को ताक पर रखकर नशीली गोलियों और अन्य दवाओं का धड़ल्ले से उत्पादन किया जा रहा था।
कैसे खुला राज? 8 मई को हुई थी 2.23 लाख गोलियों की जब्ती
इस पूरे रैकेट की परतें 8 मई को तब खुलनी शुरू हुईं, जब पुलिस और ड्रग विभाग की संयुक्त टीम ने बद्दी के सालासर कॉम्प्लेक्स में एक बड़ी दबिश दी थी।
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इस छापेमारी में टीम ने करीब 2,23,084 नशीली दवाओं की गोलियां बरामद की थीं।
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मौके से पुलिस ने दवा सप्लाई करने वाले यूपी के शिव पूजन प्रजापति और कानपुर के अनुराग शुक्ला को गिरफ्तार किया था।
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जब पुलिस ने इन दोनों सप्लायरों को रिमांड पर लेकर सख्ती से पूछताछ की, तो उन्होंने फूड लाइसेंस प्राप्त कंपनी में इन नशीली दवाओं के बनने का पर्दाफाश कर दिया, जिसके बाद कंपनी मालिक अंकित को दबोचा गया।
पुलिस और ड्रग विभाग का एक्शन
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रिमांड: एएसपी अशोक वर्मा ने बताया कि मुख्य आरोपी (कंपनी मालिक) अंकित को गुरुवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
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वहीं, पहले पकड़े गए सप्लायरों (शिव पूजन और अनुराग) को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत (जेल) में भेज दिया है।
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लाइसेंस रद्द करने की तैयारी: बद्दी के ड्रग कंट्रोलर डॉ. मनीष कपूर ने स्पष्ट किया कि इन कंपनियों के पास दवा बनाने का कोई वैध लाइसेंस नहीं था।
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ड्रग विभाग अब ‘फूड विभाग’ को कार्रवाई के लिए पत्र लिखेगा और ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत इन कंपनियों के संचालकों पर सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।











