“भारत सरकार कुशल पेशेवरों की अंतर्राष्ट्रीय मांग को पूरा करने के लिए कई कदम उठा रही है, खासकर स्वास्थ्य सेवा, निर्माण, आतिथ्य, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), और हरित प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में”
नई दिल्ली 09 / 12 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट
स्वास्थ्य सेवा, निर्माण, आतिथ्य, सूचना प्रौद्योगिकी और हरित प्रौद्योगिकी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में कुशल पेशेवरों की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय मांग को पूरा करने के लिए सरकार भारतीय छात्रों और युवाओं को कुशल बनाने के लिए निरंतर कदम उठा रही है।
इन क्षेत्रों में गतिशीलता को बढ़ावा देने के लिए, भारत सरकार ने विभिन्न गंतव्य देशों के साथ द्विपक्षीय समझौता ज्ञापनों/समझौतों, प्रवासन और गतिशीलता भागीदारी समझौतों, श्रम गतिशीलता और कौशल विकास तथा व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण में सहयोग ढांचों पर हस्ताक्षर सहित संस्थागत तंत्र स्थापित किए हैं।
सरकार ने विभिन्न गंतव्य देशों के साथ द्विपक्षीय समझौतों/समझौता ज्ञापनों (MoUs), प्रवासन और गतिशीलता भागीदारी समझौतों, श्रम गतिशीलता, और कौशल विकास तथा व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण में सहयोग के लिए ढाँचों पर हस्ताक्षर करके संस्थागत तंत्र स्थापित किए हैं।
इटली और जर्मनी के साथ प्रवासन एवं गतिशीलता साझेदारी समझौतों में योग्यताओं और प्रमाणपत्रों की पारस्परिक मान्यता के विशिष्ट प्रावधान शामिल हैं।
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) ने आठ देशों (ऑस्ट्रेलिया, डेनमार्क, फ्रांस, जर्मनी, जापान, कतर, सिंगापुर, और संयुक्त अरब अमीरात) के साथ द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं जो तकनीकी आदान-प्रदान, सहयोगात्मक प्रशिक्षण, योग्यताओं का मानकीकरण, और पारस्परिक मान्यता को सुगम बनाते हैं।
MSDE ने स्वास्थ्य सेवा और निर्माण क्षेत्रों में गतिशीलता के लिए इज़राइल के साथ दो प्रोटोकॉल पर भी हस्ताक्षर किए हैं।
| पहल का नाम | उद्देश्य/फोकस क्षेत्र | सहयोगी संस्था/देश |
| प्रवासी कौशल विकास योजना (PKVY) के तहत प्रस्थान-पूर्व अभिविन्यास प्रशिक्षण (PDOT) | संभावित प्रवासियों को भाषा, संस्कृति, उत्प्रवास प्रक्रियाओं, कल्याण प्रावधानों, और क्या करें/क्या न करें के बारे में जानकारी देना। | MSDE – विदेश मंत्रालय (MEA) |
| तकनीकी प्रशिक्षु प्रशिक्षण कार्यक्रम (TITP) | स्वास्थ्य सेवा और आतिथ्य सहित अन्य क्षेत्रों में गतिशीलता को सुगम बनाना। | जापान |
| भारत-जर्मन हरित कौशल कार्यक्रम (IGGSP) | युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हरित प्रौद्योगिकियों में कुशल और प्रमाणित करना। | जर्मनी |
| कौशल भारत अंतर्राष्ट्रीय केंद्र (SIIC) | विभिन्न राज्यों में स्थापित करना, जिसका उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय गतिशीलता को सुगम बनाना है। | MSDE |
SIIC की स्थापना के लिए 30 केंद्रों का प्रस्ताव है (वित्त वर्ष 2023-24 के बजट घोषणा के अनुरूप)।
वर्तमान में, वाराणसी और कौशल विकास संस्थान (SDI), भुवनेश्वर में दो SIIC चालू हैं।
NSTI बेंगलुरु में भी एक SIIC स्थापित किया गया है।
| राज्य/केंद्र शासित प्रदेश | 2022-23 | 2023-24 | 2024-25 | कुल |
| उत्तर प्रदेश | 3947 | 326 | 5766 | 10039 |
| बिहार | 5470 | 148 | 217 | 5835 |
| पश्चिम बंगाल | 3139 | 159 | 88 | 3386 |
| राजस्थान | 2611 | 58 | 66 | 2735 |
| केरल | 1365 | 865 | 139 | 2369 |
| कर्नाटक | 797 | 390 | 363 | 1550 |
| तेलंगाना | 904 | 24 | 480 | 1408 |
| तमिलनाडु | 784 | 224 | 82 | 1090 |
| महाराष्ट्र | 833 | 86 | 22 | 941 |
| पंजाब | 694 | 48 | 25 | 767 |
| कुल योग | 22787 | 2618 | 7740 | 33145 |
मुख्य निष्कर्ष:
उत्तर प्रदेश से पिछले तीन वर्षों में सबसे अधिक (10,039) उम्मीदवार तैनात किए गए हैं, इसके बाद बिहार (5,835) और पश्चिम बंगाल (3,386) का स्थान है।
2022-23 में सबसे अधिक नियुक्तियाँ (22,787) दर्ज की गईं।
2024-25 में नियुक्तियों में वृद्धि (7,740) देखी गई है, जिसमें उत्तर प्रदेश का योगदान सबसे अधिक है (5,766)।
यह जानकारी भारत के जनसांख्यिकीय लाभांश का लाभ उठाने और वैश्विक कार्यबल की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सरकार की केंद्रित रणनीति को दर्शाती है।
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