सुशासन सप्ताह 2025: ‘प्रशासन गांव की ओर’ अभियान का सफल समापन

“पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर मनाया जाने वाला ‘सुशासन सप्ताह 2025’ 25 दिसंबर को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ”

नई दिल्ली 27 / 12 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन “शासन को जन-केंद्रित, सुगम और समावेशी बनाने” से प्रेरित इस अभियान ने देशभर के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में शासन की पहुंच को मजबूत किया है।

राष्ट्रीय कार्यशाला और महत्वपूर्ण शुभारंभ

सुशासन दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला की अध्यक्षता केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने की। इस दौरान सरकार की डिजिटल और प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाने वाली 4 बड़ी ई-गवर्नेंस पहलों की शुरुआत की गई:

  1. AI-संचालित भर्ती नियम जनरेटर: भर्ती नियमों के निर्माण को सरल और सुसंगत बनाने के लिए स्वचालित टूल।

  2. e-HRMS 2.0 मोबाइल ऐप: कर्मचारियों के लिए मानव संसाधन सेवाओं को मोबाइल पर उपलब्ध कराना।

  3. iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर AI सुविधाएं: ‘एआई सारथी’ और ‘एआई ट्यूटर’ जैसे उपकरणों के माध्यम से सिविल सेवकों का क्षमता निर्माण।

  4. कर्मयोगी डिजिटल लर्निंग लैब 2.0: AR, VR और सिमुलेशन आधारित उच्च गुणवत्ता वाले ई-लर्निंग मॉड्यूल का विकास।


अभियान की प्रमुख उपलब्धियां (डेटा एट ए ग्लेंस)

19 से 25 दिसंबर के बीच चले इस देशव्यापी अभियान के परिणाम शासन की सक्रियता को दर्शाते हैं:

गतिविधि का प्रकार कुल संख्या
सेवा वितरण हेतु निपटाए गए आवेदन 3,13,64,909
राज्य पोर्टलों पर निवारण की गई शिकायतें 41,68,023
CPGRAMS पर शिकायतों का निपटारा 3,53,607
आयोजित कार्यशालाएं और विशेष शिविर 57,184
सर्वोत्तम सुशासन प्रथाएं (Best Practices) 770
जिला@100 विजन दस्तावेज प्रस्तुत 254 जिले

प्रशासनिक सुधारों पर बल

कार्यशाला के दौरान तीन महत्वपूर्ण रिपोर्ट भी जारी की गईं, जिनमें विशेष अभियान 5.0 की मूल्यांकन रिपोर्ट और सीपीजीआरएएमएस (CPGRAMS) की वार्षिक रिपोर्ट शामिल हैं। साथ ही, पूर्व सैनिकों के लिए नागरिक जीवन में सुगमता सुनिश्चित करने हेतु आरक्षण संबंधी दिशा-निर्देशों का एक व्यापक संकलन जारी किया गया।

सचिव (DARPG) सुश्री रचना शाह ने स्वागत भाषण में स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल फाइलों का निपटारा नहीं है, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही की उस विरासत को आगे बढ़ाना है जो अटल जी ने हमें सौंपी थी।