Jaunpur vegetable export
🥦 जौनपुर की सब्जियों का विदेशों में डंका: सिंगापुर और दुबई के लिए रवाना हुई पहली खेप, पूर्वांचल के किसानों ने रचा इतिहास”
जौनपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : अब्दुल हई ( राजा ) की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के किसानों के लिए 14 जून 2026 का दिन ऐतिहासिक बन गया है। भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन काम करने वाली संस्था एपीडा (APEDA) और यूपी सरकार के शानदार सहयोग से जौनपुर की ताजी सब्जियों ने सात समंदर पार उड़ान भरी है।
जौनपुर से सिंगापुर (Singapore) और दुबई (Dubai) के लिए मिश्रित सब्जियों की पहली निर्यात खेप (Export Consignment) को सफलतापूर्वक हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
‘The Politics Again’ की इस विशेष रिपोर्ट में आइए जानते हैं कि इस खेप में क्या-क्या भेजा गया है और पूर्वांचल के किसानों के लिए यह कदम कितना बड़ा ‘गेम चेंजर’ साबित होने वाला है:
जौनपुर जनपद के कृषि इतिहास में यह अपने आप में पहला और अनोखा निर्यात है।
सिंगापुर के लिए: निर्यात की गई इस पहली खेप में 1,050 किलोग्राम ताजी सब्जियां शामिल थीं। इसमें कुंदरु, शिमला मिर्च, भिंडी, मशरूम और हरी मिर्च को विशेष पैकिंग के साथ सिंगापुर भेजा गया है।
दुबई के लिए: इसके साथ ही 1,400 किलोग्राम मिक्स सब्जियों की एक बड़ी खेप दुबई के बाजारों के लिए भी रवाना की गई है।
वर्चुअल माध्यम से इस फ्लैग-ऑफ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एपीडा की महाप्रबंधक (फल एवं सब्जी) श्रीमती विनीता सुधांशु ने कहा कि यह उपलब्धि किसानों, निर्यातकों और सरकार के शानदार समन्वय का नतीजा है। वहीं, एपीडा के क्षेत्रीय प्रमुख डॉ. सी. बी. सिंह ने चौंकाने वाले आंकड़े देते हुए बताया:
“वित्तीय वर्ष 2019-20 में लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से कृषि उत्पादों का निर्यात न के बराबर था, लेकिन वित्तीय वर्ष 2025-26 में इसी हवाई अड्डे से 1,010 मीट्रिक टन से अधिक कृषि उत्पादों का निर्यात किया जा चुका है।”
कार्यक्रम में उपस्थित उपजिलाधिकारी (केराकत) सुनील कुमार ने आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए हर संभव मदद करेगा।
किसानों की ट्रेनिंग: उप निदेशक उद्यान, दिग्विजय ने बताया कि विभाग प्रगतिशील किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को निर्यात की गुणवत्ता के अनुरूप उत्पादन करने की ट्रेनिंग दे रहा है।
वर्कशॉप की मांग: जिला उद्यान अधिकारी डॉ. सीमा सिंह राणा ने एपीडा से जौनपुर में एक विशेष वर्कशॉप आयोजित करने की अपील की।
इसमें किसानों को मानक तुड़ाई और रसायनों के सही छिड़काव की जानकारी दी जाएगी, ताकि वे ‘बिचौलियों’ से मुक्त होकर अपने उत्पादों का अंतरराष्ट्रीय दाम पा सकें।
निर्यातक प्रतिनिधि अनिल गर्ग ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में उत्पादों की वैरायटी बढ़ाई जाएगी और नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाई जाएगी।
आपको बता दें कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान भारत से सिर्फ सिंगापुर को ही लगभग ₹2,300 करोड़ के कृषि उत्पादों का निर्यात किया गया है। जौनपुर की यह शुरुआत पूर्वांचल को कृषि निर्यात के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
नोट: उत्तर प्रदेश के किसानों की प्रगति, सरकारी योजनाओं के लाभ और विकास से जुड़ी हर सकारात्मक खबर के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल ‘द पॉलिटिक्स अगेन’ (The Politics Again) पर।
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