Anti Narcotics Police Station Delhi

दिल्ली में बनेगा पहला एंटी-नारकोटिक्स पुलिस स्टेशन, 72 करोड़ का ड्रग्स नष्ट

दिल्ली में खुलेगा पहला ‘एंटी-नारकोटिक्स पुलिस स्टेशन’, 72 करोड़ का ड्रग्स खाक; LG संधू ने तय किया ‘ड्रग फ्री दिल्ली 2027’ का लक्ष्य”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : श्रीमती शिल्पा की रिपोर्ट 

राजधानी दिल्ली में नशे के अवैध कारोबार और ड्रग सिंडिकेट की कमर तोड़ने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है।

दिल्ली में नशे के खिलाफ लड़ाई को और तेज करते हुए जल्द ही राजधानी का पहला समर्पित ‘एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) पुलिस स्टेशन’ स्थापित किया जाएगा।

दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) तरनजीत सिंह संधू ने एक ‘ड्रग डिस्ट्रक्शन’ (मादक पदार्थ नष्टीकरण) कार्यक्रम के दौरान इस अहम पुलिस स्टेशन की स्थापना की घोषणा की।

इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली को वर्ष 2027 तक ‘ड्रग फ्री दिल्ली’ (नशामुक्त दिल्ली) बनाने का कड़ा लक्ष्य भी तय किया है।

खाक हुआ 72 करोड़ का नशा, PM मोदी के विजन का जिक्र

इस कार्यक्रम में पुलिस द्वारा जब्त किए गए करीब 1,700 किलोग्राम मादक पदार्थों को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट किया गया।

नष्ट किए गए ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 72 करोड़ रुपये बताई गई है। उपराज्यपाल ने इसे कानून की बड़ी जीत और संगठित अपराध के खिलाफ एक सख्त कार्रवाई करार दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘ड्रग फ्री इंडिया’ विजन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि नशा केवल अंधकार, विनाश और तबाही लाता है, इसलिए इसके खिलाफ समाज की सामूहिक लड़ाई बेहद जरूरी है।

सिर्फ पुलिसिंग नहीं, अब ‘ऑपरेशन कवच’ और वित्तीय जांच पर जोर

उपराज्यपाल ने स्पष्ट किया कि दिल्ली पुलिस अब केवल सामान्य पुलिसिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि उसने ड्रग्स के खिलाफ एक व्यापक और आक्रामक रणनीति अपनाई है। इस नई रणनीति में शामिल हैं:

  • ड्रग तस्करों की वित्तीय जांच (Financial Investigation)

  • नशे के कारोबार से अर्जित अवैध संपत्ति की जब्ती

  • नशा प्रभावित इलाकों की हॉटस्पॉट मैपिंग

  • ‘ऑपरेशन कवच’ और स्कूल आउटरीच अभियान

  • NCORD (नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर) के तहत विभिन्न जांच एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय

एलजी ने जोर देकर कहा कि मादक पदार्थों से कमाया गया अवैध पैसा समाज को दोहरी चोट पहुंचाता है—पहले युवाओं को नशे की लत लगाकर और फिर उसी पैसे से संगठित अपराध व आतंकवाद को बढ़ावा देकर।

युवा झूठी चमक से बचें, नागरिक 1933 पर करें शिकायत

उपराज्यपाल ने इस लड़ाई में परिवारों, शिक्षकों, स्वास्थ्य एजेंसियों और सामाजिक संगठनों से साथ आने की अपील की।

उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि वे नशे की झूठी चमक से बचें और खेल, शिक्षा तथा एक उद्देश्यपूर्ण जीवन को अपनाएं।

साथ ही, नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने आसपास नशे से जुड़ी किसी भी गतिविधि की सूचना बेझिझक दें।

इसके लिए लोग केंद्र सरकार के मानस (MANAS) पोर्टल या हेल्पलाइन नंबर 1933 का उपयोग कर सकते हैं, जहां शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।

उपराज्यपाल ने कहा, “हमें दिल्ली को एक ऐसा शहर बनाना है जहां नशे के कारोबार को न कोई बाजार मिले, न कोई संरक्षण और न ही कोई सामाजिक स्वीकार्यता।”