‘बाबरी’ पर संग्राम : धीरेंद्र शास्त्री की हुंकार; “1992 दोहराने के लिए हिंदू तैयार”

“पश्चिम बंगाल का मुर्शिदाबाद जिला एक बार फिर देश की राजनीति के केंद्र में आ गया है। अयोध्या विवाद के दशकों बाद अब बंगाल की धरती पर ‘बाबरी मस्जिद’ के नाम पर नई इबारत लिखने की कोशिश शुरू हो गई है”

मुर्शिदाबाद/कोलकाता 20 / 12 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

जुमे की नमाज के मौके पर मुर्शिदाबाद में हजारों की भीड़ उमड़ी, जहां उस मस्जिद की नींव रखी गई है जिसे ‘बाबरी’ का नाम दिया जा रहा है। इस मौके पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर खुद मौजूद रहे, जो इस पूरे विवाद के सूत्रधार माने जा रहे हैं।

धीरेंद्र शास्त्री की हुंकार: “1992 दोहराने के लिए हिंदू तैयार”

मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के निर्माण की खबरों ने देशभर के संतों और हिंदू संगठनों को आक्रोशित कर दिया है। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बागेश्वर बाबा) ने इस पर बेहद सख्त रुख अपनाया है।

उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “इस देश में अगर बाबरी मस्जिद दोबारा बनाने की कोशिश की जा रही है, तो यह दुर्भाग्य है। लेकिन यह याद रहे कि अगर ऐसा हुआ तो देश का हिंदू 1992 दोहराने के लिए पूरी तरह तैयार है।”

शास्त्री ने आगे कहा कि यह हिंदुओं के खिलाफ विदेशी आक्रांताओं की एक सोची-समझी साजिश है और बंगाल से लेकर कश्मीर तक हिंदुओं के खिलाफ बोलने वालों को जल्द ही मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि “बाबरी बनी तो बाबा आएगा।”

300 करोड़ का बजट और 11 दिन में 5 करोड़ का चंदा

विधायक हुमायूं कबीर ने इस मस्जिद को लेकर बड़े आर्थिक दावे किए हैं। उनके मुताबिक:

  • भारी चंदा: महज 11 दिनों के भीतर देश के विभिन्न हिस्सों से 5 करोड़ रुपये से अधिक का चंदा मिल चुका है।

  • विशाल प्रोजेक्ट: मस्जिद के निर्माण पर कुल 300 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है।

  • भव्य ले-आउट: नई मस्जिद अयोध्या की पुरानी बाबरी मस्जिद के मॉडल पर आधारित होगी, लेकिन इसकी ऊंचाई और चौड़ाई पहले से कहीं ज्यादा होगी। कबीर का दावा है कि ‘बाबरी’ नाम से देश भर का मुसलमान भावनात्मक रूप से जुड़ रहा है।

22 दिसंबर को नई पार्टी का उदय: 2026 की तैयारी

बाबरी मस्जिद के मुद्दे को हवा देने के साथ ही हुमायूं कबीर ने अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं भी स्पष्ट कर दी हैं। TMC से निलंबन के बाद उन्होंने घोषणा की है कि वह 22 दिसंबर को अपनी नई राजनीतिक पार्टी का गठन करेंगे।

उनका सीधा लक्ष्य पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 है। कबीर मुस्लिम बहुल सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारकर राज्य के स्थापित समीकरणों को चुनौती देने की योजना बना रहे हैं। जानकारों का मानना है कि मस्जिद के नाम पर चंदा और भीड़ जुटाकर वह अपनी पार्टी के लिए एक मजबूत कैडर तैयार कर रहे हैं।

चुनौतियां और सुरक्षा व्यवस्था

मुर्शिदाबाद में बढ़ती भीड़ और धीरेंद्र शास्त्री के बयान के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। खुफिया एजेंसियां और स्थानीय पुलिस अलर्ट पर हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा केवल धार्मिक नहीं बल्कि बंगाल की सत्ता तक पहुंचने का एक नया ध्रुवीकरण कार्ड है।

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