Domestic LPG Cylinder Price Hike

घरेलू रसोई गैस सिलिंडर 29 रुपये महंगा, देखें दिल्ली से पटना तक के नए रेट

आम आदमी पर महंगाई की चौतरफा मार: घरेलू LPG सिलिंडर के दाम 29 रुपये बढ़े, पेट्रोल-डीजल पर भी संकट “

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

आम जनता की जेब पर महंगाई का एक और बड़ा बोझ आ पड़ा है। पश्चिम एशिया (West Asia) में गहराते संकट और वैश्विक बाजार में ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच घरेलू रसोई गैस (LPG) के दामों में भारी बढ़ोतरी की गई है।

‘The Politics Again’ की आर्थिक डेस्क की रिपोर्ट के अनुसार, 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलिंडर की कीमतों में 29 रुपये का इजाफा कर दिया गया है। नई दरें 7 जून 2026 से देश भर में प्रभावी हो गई हैं।

यह पिछले तीन महीनों के भीतर दूसरा मौका है जब रसोई गैस के दाम बढ़ाए गए हैं। इससे पहले 7 मार्च को प्रति सिलिंडर 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी।

दिल्ली में ₹942 हुआ सिलिंडर: देखें अपने शहर के नए रेट

ताजा मूल्य वृद्धि के बाद देश के प्रमुख शहरों में घरेलू एलपीजी सिलिंडर की नई कीमतें इस प्रकार हैं:

शहर

घरेलू LPG सिलिंडर की नई कीमत (14.2 KG)

दिल्ली

₹942.00 (पहले ₹913 था)

मुंबई

₹941.50

कोलकाता

₹968.00

चेन्नई

₹957.50

जयपुर

₹945.50

पटना

₹1,031.50

 

क्यों बढ़ाने पड़े एलपीजी के दाम?

उद्योग जगत से जुड़े सूत्रों के अनुसार, इस मूल्य वृद्धि के पीछे मुख्य रूप से वैश्विक और भू-राजनीतिक परिस्थितियां जिम्मेदार हैं:

  • पश्चिम एशिया संघर्ष का असर: पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी युद्ध और तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला (Energy Supply Chain) बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।

  • तेल कंपनियों का भारी नुकसान: मार्च में 60 रुपये की बढ़ोतरी के बावजूद सरकारी तेल विपणन कंपनियों (Oil Marketing Companies) को घरेलू एलपीजी की बिक्री पर भारी घाटा हो रहा था।

  • इस संशोधन से पहले तक कंपनियों को प्रति सिलिंडर लगभग 703 रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा था, जिसके चलते कीमतों में वृद्धि अपरिहार्य हो गई थी।

पेट्रोल और डीजल पर भी बढ़ रहा है दबाव

एलपीजी के दाम बढ़ने के बाद अब पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

उद्योग सूत्रों के मुताबिक, सरकारी तेल कंपनियां वर्तमान में पेट्रोल और डीजल को उनकी वास्तविक लागत से काफी कम कीमत पर बेच रही हैं।

अनुमानों के अनुसार, तेल कंपनियों को इस समय पेट्रोल पर करीब 11 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 33.6 रुपये प्रति लीटर तक का भारी अंडर-रिकवरी (नुकसान) उठाना पड़ रहा है।

ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि यदि वैश्विक बाजार में स्थितियां जल्द नहीं सुधरीं, तो आने वाले दिनों में वाहन ईंधनों की कीमतों में भी उछाल देखने को मिल सकता है।