दिल्ली प्रदूषण: 1 नवंबर से लागू होगा मास्टर प्लान, जानें नियम
“दिल्ली-NCR वालों के लिए जरूरी खबर: 1 नवंबर से लागू होगा ‘विंटर पॉल्यूशन मास्टर प्लान’, BS-VI से नीचे के वाहनों की एंट्री बैन; दफ्तरों में 50% WFH”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : श्रीमती शिल्पा की रिपोर्ट
अगर आप दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में रहते हैं या रोजाना अपनी गाड़ी लेकर राजधानी आते-जाते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है।
सर्दियों के मौसम में राजधानी को गैस चैंबर बनने से रोकने और वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली सरकार ने ‘विंटर पॉल्यूशन मास्टर प्लान’ (Winter Pollution Master Plan) लागू कर दिया है।
यह प्लान हर साल 1 नवंबर से 31 जनवरी तक स्वतः रूप से लागू रहेगा। इसके तहत राजधानी में कई सख्त नियम लागू किए गए हैं, जिनका उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना और दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है।
मास्टर प्लान के 5 सबसे बड़े नियम
1. BS-VI से नीचे के बाहरी वाहनों की एंट्री पर पूर्ण बैन
नई अधिसूचना के अनुसार, 1 नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड BS-VI से नीचे के वाहनों (कमर्शियल व निजी) को राजधानी में प्रवेश नहीं मिलेगा।
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इन्हें मिलेगी छूट: हालांकि, सीएनजी (CNG) वाहन, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस/आपातकालीन वाहनों को इस प्रतिबंध से पूरी तरह छूट दी गई है। सरकार का मानना है कि इस कदम से सर्दियों में धुंआ फैलाने वाले वाहनों की संख्या घटेगी।
2. निजी वाहनों का पार्किंग शुल्क होगा दोगुना
सड़कों पर निजी वाहनों की भीड़ कम करने के लिए दिल्ली सरकार ने अधिकृत पार्किंग स्थलों पर पार्किंग शुल्क को सीधा दोगुना करने का बड़ा फैसला किया है।
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अपवाद: दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) द्वारा संचालित पार्किंग इस व्यवस्था से बाहर रहेंगी। सरकार की कोशिश है कि लोग निजी वाहनों की बजाय मेट्रो और बसों (सार्वजनिक परिवहन) का अधिक इस्तेमाल करें।
3. दफ्तरों में सिर्फ 50% कर्मचारी, बाकी को ‘वर्क फ्रॉम होम’
सर्दियों के दौरान ट्रैफिक जाम और प्रदूषण कम करने के लिए सरकारी और निजी कार्यालयों में एक समय पर केवल 50 फीसदी कर्मचारी ही काम करेंगे।
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बाकी 50 फीसदी कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से वर्क फ्रॉम होम (WFH) की सुविधा दी जाएगी।
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हालांकि, अस्पताल, पुलिस, बिजली-पानी जैसी आवश्यक सेवाओं और जरूरी विभागों से जुड़े कर्मचारियों को नियमित रूप से कार्यालय आना होगा।
4. ‘No PUC, No Fuel’: बिना सर्टिफिकेट के नहीं मिलेगा ईंधन
नई व्यवस्था के तहत पेट्रोल, डीजल, सीएनजी या एलपीजी पंपों पर बेहद सख्ती बरती जाएगी। बिना वैध ‘प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र’ (PUC Certificate) के किसी भी वाहन को ईंधन नहीं दिया जाएगा। जिन वाहनों के पास वैध PUC नहीं होगा, उनका चालान कटेगा और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
5. निर्माण कार्यों पर रोक और ड्रोन से निगरानी
सरकार ने 1 नवंबर से 31 जनवरी तक धूल फैलाने वाले तोड़-फोड़ और खुले में होने वाले निर्माण कार्यों पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
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बड़े निर्माण स्थलों पर मिस्ट सिस्टम (पानी का छिड़काव) लगाना अनिवार्य होगा।
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खुले में कचरा या पत्तियां जलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। नियम तोड़ने पर व्यक्ति के साथ-साथ संस्था या प्रबंधन पर भी कार्रवाई होगी।
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पूरे प्रदूषण मास्टर प्लान की निगरानी और प्रवर्तन (Enforcement) के लिए ड्रोन (Drone) का इस्तेमाल किया जाएगा और RWA व संस्थानों की जवाबदेही तय की जाएगी।











