दिल्ली : बदले पार्किंग नियम, अब QR कोड से होगी एंट्री

“दिल्ली में पार्किंग शुल्क को लेकर MCD ने नई व्यवस्था की है। अब QR कोड स्कैन करके पार्किंग में प्रवेश और एप से भुगतान किया जा सकेगा। रामलीला मैदान से पायलट प्रोजेक्ट शुरू हुआ है। ‘MCD की पट्टी’ एप से भुगतान होगा, और अधिक शुल्क वसूली की शिकायतें कम होंगी। QR कोड न लगाने पर ठेका रद होगा”

नई दिल्ली 18 / 10 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

राजधानी दिल्ली में अब पार्किंग के लिए निर्धारित से ज्यादा शुल्क नहीं वसूला जा सकेगा। MCD ने इसका समाधान निकाल लिया है। अब पार्किंग में प्रवेश या निकासी पर आपको कोई नहीं रोकेगा। QR Code स्कैन करके पार्किंग में प्रवेश किया जा सकेगा। साथ ही मोबाइल एप से भुगतान होगा।

इससे ज्यादा शुल्क लेने की शिकायतों का निवारण होने की उम्मीद एमसीडी कर रही है। फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर एमसीडी ने रामलीला मैदान से इसकी शुरुआत की है। एमसीडी के लाभकारी परियोजना सेल समिति के चेयरमैन प्रमोद गुप्ता और उपायुक्त राजीव कुमार ने इसकी शुरुआत की है।

एमसीडी के अनुसार 15 दिन तक इसका पायलट प्रोजेक्ट चलेगा। इसके बाद जो-जो सुझाव या अड़चनें इस पर आएंगी, उनमें सुधार करने के बाद चरणबद्ध तरीके से एमसीडी की सभी पार्किंग में यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।

एमसीडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लगातार पार्किंग में ठेकेदारों द्वारा तय शुल्क से ज्यादा पार्किंग शुल्क लेने की शिकायतें आती हैं। यहां ज्यादा शुल्क वसूला जाता है। इस समस्या के समाधान के लिए हमने क्यूआर कोड युक्त पार्किंग शुल्क भुगतान प्रणाली को शुरू कर रहे हैं।

इसमें नागरिक जब पार्किंग में जाएंगे तो बिना किसी कर्मचारी से मिले वहां प्रवेश कर सकते हैं। इस दौरान नागरिक को अपनी गाड़ी का नंबर डालना होगा। निकलते समय भी इसी क्यूआर कोड को स्कैन करना होगा। इसमें निकलते समय दो तरीके से भुगतान का विकल्प होगा।

इसमें ऑनलाइन या ऑफलाइन भुगतान का विकल्प होगा। अगर, नागरिक ऑनलाइन भुगतान करना चाहते हैं तो किसी भी यूपीआई से भुगतान करके निकल सकेंगे। उल्लेखनीय है कि एमसीडी की चार सौ से अधिक सरफेस पार्किंग हैं। जिनमें यह व्यवस्था धीरे-धीरे लागू की जाएगी।

एमसीडी की पट्टी नाम से इस एप को नागरिक प्लेस स्टोर से डाउनलोड कर सकेंगे। पार्किंग के प्रवेश और निकास द्वार पर मौजूद क्यूआर कोड को मोबाइल कैमरे या एमसीडी की पट्टी एप से स्कैन करना होगा।

स्कैन करते ही पार्किंग के लिए गाड़ी का नंबर डालने का विकल्प होगा। जब पार्किंग से निकलते वक्त भी क्यूआर कोड का स्कैन करेंगे तो पार्किंग का जो भी शुल्क बना है वह ऑनलाइन और ऑफलाइन भुगतान करने की सुविधा मिलेगी।

क्यूआर कोड को नहीं लगाया तो पार्किंग का ठेका होगा रद

एमसीडी ने भले ही पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर रामलीला मैदान से यह व्यवस्था शुरू की है, लेकिन साथ ही एमसीडी ने नियमों के पालन के लिए एक प्रावधान यह भी किया है कि जो क्यूआर कोड एमसीडी द्वारा दिया जाएगा, उसे लगाना अनिवार्य होगा।

अगर, कोई पार्किंग ठेकेदार क्यूआर कोड से छेडछाड़ करता है या फिर क्यूआर कोड को नहीं लगाता है तो उसकी शिकायत आने पर पार्किंग का ठेका रद किया जाएगा।

क्या है एमसीडी का पार्किंग शुल्क

कार:

  • एक से चार घंटे के लिए 20 रुपये प्रतिघंटा
  • पांच से 24 घंटे के लिए 100 रुपये
  • मासिक पास- 2000 (दिन व रात)
  • दिन का मासिक पास-1000

मोटर साइकिल:

  • एक से चार घंटे के लिए 10 रुपये प्रति घंटा
  • पांच से 24 घंटे के लिए 50 रुपये
  • मासिक पास- 1000 (दिन व रात)
  • दिन का मासिक पास-600

नोट: करोल बाग और यूसुफ सराय मार्केट में तय शुल्क से ज्यादा शुल्क एमसीडी ने लगा रखे हैं। इसमें 40 रुपये प्रति घंटा और 24 घंटे के लिए 300 रुपये का शुल्क हैं।

PREMIUM NEWS

अपनी Premium Membership चुनें

Premium articles बिना restriction पढ़ें।

Monthly

₹99/month

30 days Premium access

You have successfully subscribed to the newsletter

There was an error while trying to send your request. Please try again.

The Politics Again will use the information you provide on this form to be in touch with you and to provide updates and marketing.