Covid 19 : महाराष्ट्र में 106 तो केरल में 182 मामले दर्ज

“महाराष्ट्र में जनवरी से अब तक 2 मौतें हो चुकी हैं और केरल में मई में 182 नए मामले किए गए हैं। दोनो राज्यों में हल्के लक्षण वाले मरीजों का इलाज जारी है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है”

नई दिल्ली 22 / 05 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

कोरोना वायरस अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। महाराष्ट्र में इस साल जनवरी से अब तक कोविड-19 से जुड़ी दो मौतें हुई हैं। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को यह जानकारी दी।विभाग की एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि दोनों मौतें मुंबई से हुई हैं और दोनों मरीजों को पहले से ही अन्य बीमारियां थीं।

जब किसी व्यक्ति को एक साथ दो या उससे ज्यादा बीमारियां होती हैं तो उसे सह-रुग्णता (कोमोरबिडिटीज) कहा जाता है। विज्ञप्ति के मुताबिक, एक मरीज को नेफ्रोटिक सिंड्रोम (किडनी से जुड़ी बीमारी) के साथ हाइपोकैल्सीमिया (शरीर में कैल्शियम की कमी से होने वाला दौरा) था, जबकि दूसरा मरीज कैंसर से पीड़ित था।

स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि जनवरी से अब तक कुल 6,066 लोगों के ‘स्वैब सैंपल’ की जांच की गई, जिनमें से 106 लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई। इनमें से 101 मामले मुंबई से हैं, बाकी पुणे, ठाणे और कोल्हापुर से हैं।

जब डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी आपकी नाक या गले के अंदर से रुई की एक स्टिक (जिसे स्वैब कहते हैं) मदद से थोड़ा सा स्राव (लार) लेते हैं, तो उसे स्वैब सैंपल कहते हैं।  इस समय 52 मरीजों का उपचार हल्के लक्षणों के साथ चल रहा है, जबकि 16 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं।

विज्ञप्ति में कहा गया कि महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि देश के अन्य राज्यों और कई देशों में भी कोरोना वायरस के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। 

केरल में कोरोना के 182 मामले

वहीं, केरल में इस मई महीने में अब तक कुल 182 कोरोना के मामले सामने आ चुके हैं। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने बुधवार को बताया कि सबसे ज्यादा मामले कोट्टायम जिले (57 मामले) से मिले हैं , जबकि एर्नाकुलम में 34 और तिरुवनंतपुरम में 30 मामले दर्ज किए गए हैं।  

जॉर्ज ने कहा कि दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में कोरोना के मामलों में तेजी देखी जा रही है, इसलिए केरल में भी मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है। इसलिए लोगों को सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि इन देशों में ओमिक्रॉन JN.1, LF.7 और NB 1.8 वैरिएंट फैल रहे हैं। वे जल्दी फैल सकते हैं, लेकिन बीमारी उतनी गंभीर नहीं है।

उन्होंने कहा कि जिन लोगों को जुकाम, गले में खराश, खांसी या सांस लेने में दिक्कत हो, उन्हें मास्क पहनना चाहिए। मंत्री ने यह भी कहा, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोग सार्वजनिक स्थानों पर और सफर के दौरान मास्क पहनें। अस्पतालों में मास्क पहनना अनिवार्य है। स्वास्थ्यकर्मियों को भी मास्क पहनना जरूरी है।

राज्य के सभी अस्पतालों में कोरोना के लक्षण वाले मरीजों के परीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आरटीपीसीआर किट और अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध रखने के आदेश भी दिए गए हैं। 

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