पीयूष गोयल टॉय बिज इंटरनेशनल बी2बी प्रदर्शनी को संबोधित करते हुए

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने खिलौना उद्योग के लिए की बड़ी घोषणा

पीयूष गोयल का बड़ा ऐलान: भारतीय खिलौना क्लस्टरों में बनेंगी आधुनिक परीक्षण सुविधाएं, निर्यात ने भरी 239% की उड़ान”

THE POLITICS AGAIN डेस्क: भारत का खिलौना उद्योग अब वैश्विक पटल पर एक नई पहचान बना रहा है।

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने नई दिल्ली में ‘टॉय एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ (TAI) द्वारा आयोजित 17वीं ‘टॉय बिज इंटरनेशनल बी2बी प्रदर्शनी 2026’ को संबोधित करते हुए भारतीय खिलौना उद्योग की शानदार प्रगति की सराहना की।

उन्होंने देश भर के खिलौना विनिर्माण क्लस्टरों के लिए आधुनिक परीक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने का बड़ा आश्वासन दिया है।

गुणवत्ता और आधुनिक परीक्षण सुविधाओं पर जोर

केंद्रीय मंत्री ने उद्योग जगत को भरोसा दिलाया कि सरकार भारतीय मानक ब्यूरो (BIS), राष्ट्रीय परीक्षण गृह और अन्य सरकारी प्रयोगशालाओं के माध्यम से खिलौना विनिर्माण समूहों में विश्वस्तरीय परीक्षण सुविधाएं स्थापित करेगी।

  • उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence): उन्होंने सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव रखा, जिसमें डिजाइन, नवाचार और उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों के परीक्षण की सुविधा होगी।

  • MSME को प्रोत्साहन: श्री गोयल ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) का आह्वान किया कि वे अपनी आकांक्षाओं को बड़ा करें।

  • उन्होंने स्पष्ट किया कि MSME की स्थिति तय करते समय निर्यात कारोबार को शामिल नहीं किया जाता, जिससे उन्हें विस्तार करने में मदद मिलेगी।

तकनीकी अपग्रेडेशन और CAD-CAM का उपयोग

वैश्विक खिलौना बाजार लगभग 120 बिलियन अमेरिकी डॉलर का है। इसमें अपनी बड़ी हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए पीयूष गोयल ने निर्माताओं से कंप्यूटर-एडेड डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग (CAD-CAM) प्रौद्योगिकियों और CNC मशीनों को अपनाने का आग्रह किया। इससे उत्पादन में सटीकता आएगी और लागत कम होगी।

निर्यात में 239% का भारी उछाल, आयात में 32% की गिरावट

भारतीय खिलौना उद्योग के आंकड़ों पर प्रकाश डालते हुए मंत्री महोदय ने बताया कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ पहल के कारण उद्योग की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है:

  • पिछले चार वर्षों में भारत के खिलौना निर्यात में 239 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि हुई है।

  • इसी अवधि में विदेशों से होने वाले खिलौना आयात में 32 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है।

  • जहां पहले भारतीय बाजार में केवल 12% मांग स्वदेशी खिलौनों से पूरी होती थी, वहीं अब 18,000 करोड़ रुपये के बाजार में आयात केवल 500-3,000 करोड़ रुपये तक सिमट गया है।

मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) का मिलेगा लाभ

श्री गोयल ने निर्माताओं को अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर कब्ज़ा करने का मंत्र दिया। उन्होंने बताया कि भारत के मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) के कारण यूरोप के 27 देशों में शून्य-शुल्क (Zero Duty) पहुंच का विस्तार होगा।

  • भारत-ब्रिटेन FTA: उन्होंने जानकारी दी कि भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता 15 जुलाई 2026 से चालू हो जाएगा, जिससे यूके के बाजार के दरवाजे पूरी तरह खुल जाएंगे।

  • ऑस्ट्रेलिया को निर्यात के लिए शुल्क-मुक्त पहुंच उपलब्ध है, और इस वर्ष के अंत तक न्यूजीलैंड, जीसीसी देशों, मैक्सिको, ब्राजील और कनाडा के बाजारों में भी ऐसे ही अवसरों की उम्मीद है।

आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम

देश में अब 50 से अधिक खिलौना क्लस्टर और लगभग 21,000 MSME इकाइयां खिलौना निर्माण से जुड़ी हैं।

अंत में पीयूष गोयल ने टॉय एसोसिएशन ऑफ इंडिया (TAI) से सभी 21,000 निर्माताओं को एक मंच पर लाने की अपील की, ताकि डंपिंग और अनुचित व्यापार जैसी चुनौतियों का डटकर सामना किया जा सके और भारतीय खिलौने दुनिया के हर कोने में अपनी धाक जमा सकें।

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