सीएम योगी का ‘जनता दर्शन’: लंबित मामलों पर अधिकारियों को चेतावनी
सीएम योगी का ‘जनता दर्शन’: अधिकारियों को सख्त चेतावनी- ‘तय समय में सुलझाएं मामले, लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही’
लखनऊ/गोरखपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को एक बार फिर ‘जनता दर्शन’ (Janta Darshan) के माध्यम से प्रदेश भर से आए फरियादियों की समस्याएं सुनीं।
मुख्यमंत्री ने आम जनमानस की शिकायतों और प्रार्थना पत्रों को सीधे अपने हाथों में लिया और संबंधित अधिकारियों को त्वरित और उचित कार्रवाई करने का सख्त निर्देश दिया।
इस दौरान सीएम योगी का रुख पुलिस और राजस्व (Revenue) से जुड़े मामलों में होने वाली लेटलतीफी पर काफी सख्त नजर आया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आम आदमी की समस्याओं के निस्तारण में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
6 महीने से लंबित वादों की होगी समीक्षा, नपेंगे अधिकारी
मुख्यमंत्री के समक्ष सबसे अधिक मामले राजस्व और पुलिस विभाग से जुड़े हुए आए। इन मामलों का कड़ा संज्ञान लेते हुए सीएम योगी ने अधिकारियों को दो-टूक निर्देश दिए:
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समयसीमा में समाधान: सभी लंबित मामलों का निस्तारण एक निर्धारित समयसीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए।
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लंबित मामलों पर एक्शन: जिन राजस्व वादों को 6 महीने से अधिक का समय बीत चुका है, उनके कारणों की तत्काल प्रभाव से समीक्षा की जाए।
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तय होगी जवाबदेही: यदि किसी उचित कारण के बिना मामलों के निस्तारण में विलंब पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारी की सीधे तौर पर जवाबदेही तय कर उसके खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
‘पढ़ा-लिखा बच्चा ही सशक्त भारत की नींव’
जनता दर्शन में आई महिलाओं और उनके साथ आए बच्चों को देखकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहद सहज नजर आए। उ
न्होंने कुछ बच्चों के पास जाकर दुलार से उनकी शिक्षा और स्कूल के बारे में पूछा। सीएम योगी ने वहां मौजूद अभिभावकों को प्रेरित करते हुए कहा, “बच्चों को स्कूल अवश्य भेजें, क्योंकि एक पढ़ा-लिखा बच्चा ही भविष्य में सशक्त भारत की मजबूत नींव बनेगा।”
बिना भेदभाव मिले न्याय और योजनाओं का लाभ
मुख्यमंत्री ने प्रशासन को सरकार की प्राथमिकताओं की याद दिलाते हुए कहा कि हर जरूरतमंद की समस्या का समाधान ही सरकार का एकमात्र लक्ष्य है।
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संवेदनशीलता: अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे पूरी संवेदनशीलता के साथ काम करें और सुनिश्चित करें कि बिना किसी भेदभाव के सभी को न्याय मिले।
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स्वास्थ्य और कल्याण: हर पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचना चाहिए और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे जरूरतमंदों के समुचित इलाज की त्वरित व्यवस्था होनी चाहिए।
सीएम योगी ने अंत में कहा कि शासन और प्रशासन का अंतिम दायित्व हर जरूरतमंद के चेहरे पर खुशहाली लाना है, और इसके लिए सभी को पूरी ईमानदारी से काम करना होगा।











