अंबेडकर जयंती पर CM योगी की चिट्ठी: बाबासाहेब के सपनों को साकार कर रही यूपी सरकार
अंबेडकर जयंती पर CM योगी की प्रदेशवासियों को भावुक चिट्ठी: ‘बाबासाहेब के विजन पर चल रही यूपी सरकार, जीरो पॉवर्टी पर फोकस’
लखनऊ: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
संविधान शिल्पी और भारत रत्न डॉ. बीआर अंबेडकर की जयंती (14 अप्रैल) के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम एक विशेष और भावुक चिट्ठी लिखी है।
सीएम योगी ने अपनी इस चिट्ठी में बाबासाहेब के महान विजन, उनके संघर्ष और समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति के प्रति उनकी गहरी संवेदनशीलता को नमन किया है।
करोड़ों लोगों को मिला गरिमामयी जीवन का अधिकार
चिट्ठी में मुख्यमंत्री ने लिखा है कि 14 अप्रैल का दिन उस महान व्यक्तित्व को कृतज्ञता अर्पित करने का अवसर है, जिनकी दूरदृष्टि की वजह से देश के करोड़ों लोगों को एक गरिमामयी जीवन जीने का अधिकार मिल सका।
सीएम योगी ने बाबासाहेब को विजन, मिशन और लगन का धनी बताते हुए कहा कि उनका हर शब्द हम सभी के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।
विशेष रूप से आर्थिक आयाम और शिक्षा के प्रति बाबासाहेब का दृष्टिकोण आज भी बेहद अमूल्य है। उन्होंने ही राजकोषीय संघवाद (Fiscal Federalism) का विचार दिया था और समाज को “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” का मूल मंत्र दिया था।
जब सुदामा को ओढ़ाया अपना ओवरकोट
सीएम योगी ने अपनी चिट्ठी में बाबासाहेब के जीवन से जुड़ा एक बेहद मार्मिक और प्रेरक प्रसंग भी साझा किया।
उन्होंने बताया कि स्वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री, महान न्यायविद और अर्थशास्त्री होने के बावजूद वे एक बेहद संवेदनशील समाज सुधारक थे।
घर पर सहयोग के लिए बाबासाहेब ने सुदामा नाम के एक व्यक्ति को रखा था। एक रात जब सुदामा फिल्म देखकर देर से लौटे, तो वे घर के बाहर ही सो गए।
सुबह जब सुदामा की आंख खुली, तो उन्होंने देखा कि बाबासाहेब ने ठंड से बचाने के लिए उनके ऊपर अपना ही ओवरकोट ओढ़ा दिया था।
बाबासाहेब के विचारों को आत्मसात कर रही है यूपी सरकार
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश की वर्तमान सरकार बाबासाहेब के न्याय और समता के आदर्शों को पूरी तरह से अपना रही है।
सरकार की योजनाओं का सीधा लाभ बिना किसी भेदभाव के प्रत्येक गरीब, वंचित, महिला और युवा तक पहुंच रहा है।
फिर चाहे वह मुफ्त राशन हो, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना हो, शौचालय का निर्माण हो, स्वास्थ्य सेवाएं हों या फिर ‘घरौनी’ योजना के जरिए महिलाओं को उनका मालिकाना हक दिलाना हो।
इसके अलावा, वंचित बच्चों को अटल आवासीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है। दलित और कमजोर वर्गों के छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में सहायता देने के लिए बाबासाहेब के नाम पर छात्रावासों का पुनर्निर्माण और नवनिर्माण कराया जा रहा है। सामूहिक विवाह योजना और छात्रवृत्तियां वंचितों के लिए एक बड़ा संबल बनी हैं।
6 करोड़ लोग गरीबी से आए बाहर, अब ‘जीरो पॉवर्टी’ का लक्ष्य
सीएम योगी ने बताया कि सरकार के इन्ही नियोजित कार्यक्रमों का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश में 6 करोड़ से अधिक लोग बहुआयामी गरीबी (Multidimensional Poverty) से बाहर आ चुके हैं।
अब राज्य सरकार बाबासाहेब के सिद्धांतों को अपनाते हुए ‘जीरो पॉवर्टी’ (शून्य गरीबी) कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ा रही है।
अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से एक खास अपील करते हुए कहा, “बाबासाहेब अपने समय के सर्वाधिक शिक्षित लोगों में से एक थे।
उनके पास 35 हजार से अधिक पुस्तकों का संग्रह था और वे रोजाना 16 से 18 घंटे अध्ययन करते थे। मेरी प्रदेशवासियों से अपील है कि वे अपने घरों में अच्छी पुस्तकें रखें, स्वयं पढ़ें और बच्चों को भी प्रेरित करें।
ऐसा करने से ही एक समरस, सशक्त और समृद्ध प्रदेश के निर्माण का संकल्प पूरा होगा और बाबासाहेब का सपना साकार होगा।”










