Budget 2026: गेमिंग, AI और चिप मेकिंग पर सरकार मेहरबान

Budget 2026 Tech: भारत अब तकनीक का ‘यूज़र’ नहीं ‘लीडर’ बनेगा! गेमिंग, AI और चिप मेकिंग के लिए खुला खजाना

“वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने 9वें बजट भाषण में यह साफ कर दिया है कि विकसित भारत की नींव ‘टेक्नोलॉजी’ पर रखी जाएगी”

नई दिल्ली THE POLITICS AGAIN संतोष सेठ की रिपोर्ट 

उन्होंने आईटी सेक्टर को भारत का ‘ग्रोथ इंजन’ बताते हुए कहा कि अब भारत सिर्फ तकनीक का इस्तेमाल नहीं करेगा, बल्कि दुनिया को लीड करेगा।

बजट 2026 में युवाओं के लिए 10,000 टेक फेलोशिप, गेमिंग स्टार्टअप्स के लिए बड़ा फंड और सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 जैसी कई बड़ी घोषणाएं की गई हैं।

AI गवर्नेंस और 10,000 टेक फेलोशिप

सरकार का पूरा जोर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रिसर्च पर है।

  • AI गवर्नेंस: अब सरकारी कामकाज और जनसुविधाओं में AI का इस्तेमाल ‘मल्टीप्लायर’ के तौर पर होगा। हर जिले में AI आधारित समाधानों को बढ़ावा दिया जाएगा।

  • युवाओं के लिए मौका: देश के IITs और IISc जैसे संस्थानों में 10,000 नई टेक फेलोशिप शुरू की जाएंगी। इसका मकसद डीप-टेक और AI में रिसर्च को वर्ल्ड क्लास बनाना है।

सेमीकंडक्टर मिशन 2.0: ₹40,000 करोड़ का निवेश

भारत को दुनिया का ‘चिप मैन्युफैक्चरिंग हब’ बनाने के लिए सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 (ISM 2.0) का ऐलान किया गया है।

इसके लिए सरकार ने 40,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है। साथ ही, डीप-टेक और रोबोटिक्स स्टार्ट-अप्स के लिए नई इंसेंटिव पॉलिसी भी लाई जाएगी।

गेमिंग और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए बंपर ऐलान

युवाओं के पसंदीदा क्षेत्र ‘गेमिंग और एनिमेशन’ (AVCG) को इस बजट में बड़ी तवज्जो मिली है।

  • ₹10,000 करोड़ का फंड: गेमिंग स्टार्टअप्स और छोटी कंपनियों को मदद देने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का फंड बनाया गया है।

  • लैब्स और टाउनशिप: क्रिएटर्स के लिए देशभर के 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में स्पेशल लैब्स खोली जाएंगी। इसके अलावा, क्रिएटिव स्किल सिखाने के लिए 5 नई टाउनशिप बसाई जाएंगी। सरकार का अनुमान है कि इससे 20 लाख नई नौकरियां पैदा होंगी।

5G/6G विस्तार और सेफ हार्बर नियम

  • कनेक्टिविटी: टेलीकॉम सेक्टर के लिए 76,000 करोड़ रुपये का प्रावधान है। अगले 5 साल में डेटा सेंटर और 5G/6G का जाल बिछाया जाएगा।

  • IT कंपनियों को राहत: आईटी सर्विसेज के लिए ‘सेफ हार्बर’ की सीमा 300 करोड़ से बढ़ाकर 2,000 करोड़ रुपये कर दी गई है। यह आईटी कंपनियों के लिए टैक्स विवाद कम करने में मददगार साबित होगा।

बजट 2026 पूरी तरह से ‘डिजिटल इंडिया’ के अगले चरण को दर्शाता है। जहां एक तरफ हार्डवेयर (चिप मेकिंग) पर फोकस है, वहीं दूसरी तरफ सॉफ्टवेयर और स्किल (AI, गेमिंग) को बढ़ावा देकर रोजगार के नए अवसर खोलने की कोशिश की गई है।

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