Bullet marks and police investigation after firing at a gym in Paschim Vihar, Delhi

दिल्ली: पश्चिम विहार जिम फायरिंग, बिश्नोई गैंग ने ली जिम्मेदारी

🚨 दिल्ली में फिर गूंजी गोलियां: पश्चिम विहार के हाई-प्रोफाइल जिम पर फायरिंग, लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली जिम्मेदारी”

नई दिल्ली : द पॉलिटिक्स अगेन : श्रीमती शिल्पा की रिपोर्ट 

देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर गैंगवार और जबरन वसूली (Extortion) के खौफनाक साये में सहम गई है।

बाहरी दिल्ली के पॉश इलाके पश्चिम विहार में बृहस्पतिवार तड़के एक हाई-प्रोफाइल जिम के बाहर हुई अंधाधुंध गोलीबारी ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इस घटना के बाद कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गिरोह (Lawrence Bishnoi Gang) ने हमले की जिम्मेदारी लेकर दहशत का माहौल और बढ़ा दिया है।

‘The Politics Again’ की इस रिपोर्ट में आइए जानते हैं इस खौफनाक वारदात का पूरा घटनाक्रम:

🕒 कैसे हुई वारदात?

पुलिस द्वारा दी गई प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना फिल्मी अंदाज में अंजाम दी गई:

  • समय और स्थान: बृहस्पतिवार सुबह करीब 4:00 बजे, पश्चिम विहार इलाके में स्थित एक मशहूर जिम।

  • हमलावर: मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए दो अज्ञात बदमाश।

  • फायरिंग: हमलावरों ने जिम को निशाना बनाते हुए कम से कम 7 राउंड फायरिंग की और मौके से फरार हो गए।

  • सूचना: घटना के वक्त जिम बंद था। सुबह करीब 5:15 बजे जब जिम के कर्मचारी वहां पहुंचे, तब उन्होंने गोलियों के निशान देखे और तुरंत पुलिस को सूचना दी। राहत की बात यह रही कि इस तड़के हुई वारदात में कोई हताहत नहीं हुआ।

🎤 जिम का ‘वीआईपी’ कनेक्शन

इस जिम का मालिकाना हक राजौरी गार्डन के रहने वाले दो लोगों के पास है। सबसे खास बात यह है कि एक बेहद लोकप्रिय पंजाबी गायक इस जिम के ब्रांड एंबेसडर हैं।

माना जा रहा है कि इस हाई-प्रोफाइल कनेक्शन के चलते ही इस जिम को निशाना बनाया गया ताकि रंगदारी की बड़ी रकम वसूली जा सके।

📱 लॉरेंस बिश्नोई गैंग की खौफनाक एंट्री

घटना के कुछ ही देर बाद, सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल होने लगा। इस पोस्ट में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े ‘अनिल पंडित समूह’ ने इस गोलीबारी की जिम्मेदारी ली है। इस पोस्ट के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

🚓 पुलिस की कार्रवाई और जांच के एंगल

दिल्ली पुलिस इस घटना को बेहद गंभीरता से ले रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक:

  • फोरेंसिक और सीसीटीवी: अपराध स्थल की बारीकी से जांच के लिए फोरेंसिक टीमों को तैनात किया गया है। हमलावरों की पहचान और उनके भागने के रास्तों का पता लगाने के लिए इलाके के सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

  • सोशल मीडिया पोस्ट की जांच: पुलिस साइबर सेल की मदद से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि कर रही है।

  • जांच के मुख्य बिंदु: पुलिस इस पूरी घटना को मुख्य रूप से रंगदारी (Extortion), गैंगस्टर्स के गठजोड़ और आपसी रंजिश के एंगल से देख रही है।

पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाने के लिए कई टीमें गठित कर दी गई हैं।

दिल्ली में एक बार फिर सरेआम हुई इस फायरिंग ने व्यापारियों और आम लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर एक बड़ा डर पैदा कर दिया है।