PM Narendra Modi addressing the 11th NITI Aayog Governing Council meeting in New Delhi

नीति आयोग की बैठक: PM मोदी का विकसित भारत विजन

🇮🇳 नीति आयोग की 11वीं बैठक: पीएम मोदी का ‘विकसित भारत 2047’ पर फोकस, डीके शिवकुमार की एंट्री बनी चर्चा का विषय”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

वैश्विक अनिश्चितता और अस्थिरता के मौजूदा दौर के बीच, भारत अपनी मजबूत विकास यात्रा पर पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।

यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन स्थित संस्कृति केंद्र में आयोजित नीति आयोग की शासी परिषद की 11वीं बैठक को संबोधित करते हुए कही।

इस उच्च स्तरीय बैठक में देश भर के मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य फोकस केंद्र और राज्यों के बीच ‘सहकारी संघवाद’ (Cooperative Federalism) को मजबूत कर वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने पर रहा।

🎯 बैठक का मुख्य विषय और चार प्रमुख स्तंभ

इस वर्ष नीति आयोग की बैठक का मुख्य विषय “विकसित भारत 2047 के लिए समावेशी मानव विकास” रखा गया था।

इसका मूल उद्देश्य देश के हर नागरिक को विकास, सम्मान और समान अवसर उपलब्ध कराना है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए बैठक में समावेशी मानव विकास ढांचे के चार प्रमुख स्तंभों पर गहन मंथन हुआ:

  1. बुनियादी मानव पूंजी और भविष्य के लिए तैयार कौशल।

  2. उत्पादक रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा।

  3. स्वास्थ्य और पोषण का सुदृढ़ीकरण।

  4. सभी नागरिकों के लिए समानता और गरिमा।

🚀 युवा शक्ति और महिला सशक्तीकरण पर पीएम का जोर

प्रधानमंत्री ने भारत के ‘जनसांख्यिकीय लाभ’ (Demographic Dividend) को एक ऐतिहासिक अवसर करार देते हुए कहा कि इसे किसी भी कीमत पर गंवाया नहीं जा सकता।

  • युवाओं के लिए: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, मांग आधारित कौशल विकास (Skill Development) और टिकाऊ रोजगार के अवसरों का निर्माण हर सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

  • महिला नेतृत्व वाला विकास: पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि महिलाओं की पूरी क्षमता का उपयोग किए बिना भारत का समग्र विकास असंभव है।

  • खेती, विज्ञान, नवाचार और नवउद्यम (Startups) में नारी शक्ति का बढ़ता योगदान ‘विकसित भारत’ की असली आधारशिला है।

🌍 वैश्विक बाजार और भारतीय MSME

आर्थिक मोर्चे पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत द्वारा कई देशों के साथ किए गए मुक्त व्यापार समझौतों (FTAs) से निर्यात के नए दरवाजे खुले हैं।

उन्होंने सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों (MSME) से अपील की कि वे अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करें और अपनी गुणवत्ता सुधारें, ताकि भारतीय उद्योग वैश्विक बाजार में एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी पहचान बना सकें।

इसके अलावा, डिजिटल सार्वजनिक ढांचे और जवाबदेही आधारित कार्यप्रणाली को विकास का मुख्य साधन बताया गया।

🤝 सरप्राइज एलिमेंट: डीके शिवकुमार ने तोड़ी दूरी की परंपरा

इस राष्ट्रीय बैठक में एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम भी देखने को मिला। आमतौर पर पिछले कुछ वर्षों से कांग्रेस शासित राज्य नीति आयोग की बैठकों से दूरी बनाते रहे हैं।

लेकिन इसके विपरीत कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने इस बार बैठक में भाग लेकर सबका ध्यान खींच लिया।

शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद प्रधानमंत्री ने उन्हें सहयोग का भरोसा दिया था, इसलिए राज्य के हित में वे केंद्र के साथ मिलकर काम करेंगे।

उन्होंने बैठक में मजबूती से कर्नाटक का पक्ष रखा और कहा कि दुनिया भारत को ‘बेंगलुरु’ के तकनीकी चश्मे से देख रही है। उन्होंने शहरी परिवहन, आधारभूत ढांचे और कृषि में अधिक निवेश की जोरदार मांग की।

अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों ने भी अपने राज्यों की उपलब्धियां गिनाईं और विकास से जुड़ी अपनी मांगें परिषद के सामने रखीं।

ज्ञात हो कि नीति आयोग की शासी परिषद की यह अहम बैठक आमतौर पर हर साल आयोजित होती है, जो देश के नीतिगत ढांचे को दिशा देने का काम करती है।

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