“भारत सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के रसायन एवं पेट्रो-रसायन विभाग और सऊदी अरब के उद्योग एवं खनिज मंत्रालय के बीच एक द्विपक्षीय बैठक हुई”
नई दिल्ली 15 / 10 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट
भारतीय पक्ष का नेतृत्व रसायन एवं पेट्रो-रसायन विभाग की सचिव सुश्री निवेदिता शुक्ला वर्मा ने किया। सऊदी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उद्योग एवं खनिज उप मंत्री इंजीनियर खलील बिन इब्राहिम बिन सलामाह ने किया।
सऊदी अरब भारत का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और भारत सऊदी अरब का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार वर्ष 2024-25 में 41.88 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है जिसमें रसायन और पेट्रोकेमिकल्स का योगदान 10 प्रतिशत अर्थात 4.5 अरब अमेरिकी डॉलर है।
बैठक के दौरान हुई चर्चा में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने, निवेश को बढ़ावा देने तथा रसायन एवं पेट्रोरसायन क्षेत्र में सहयोग के नए क्षेत्रों को तलाशने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
दोनों पक्षों ने रसायन और पेट्रोरसायन क्षेत्र में दोनों देशों की पूरकता को स्वीकार किया, जहां पेट्रोरसायन सऊदी अरब महत्वपूर्ण क्षमता रखता है तो वहीं विशिष्ट रसायन क्षेत्र में भारत की अपनी क्षमता है। दोनों पक्षों के बीच सामंजस्य का लाभ उठाने के लिए सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
दोनों पक्षों ने भारत के पेट्रोलियम, रसायन और पेट्रोकेमिकल निवेश क्षेत्रों (पीसीपीआईआर) में निवेश और दोनों देशों की प्रमुख कंपनियों के बीच संभावित साझेदारी सहित रसायन और पेट्रोकेमिकल्स की मूल्य श्रृंखला में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर भी चर्चा की गई।
इस क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास तथा कौशल विकास के क्षेत्र में सहयोग करने पर भी सहमति जताई गई। दोनों पक्षों ने रसायन और पेट्रोकेमिकल्स क्षेत्र में एक स्थायी और पारस्परिक रूप से लाभकारी साझेदारी बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की जिससे भारत और सऊदी अरब के बीच रणनीतिक और आर्थिक संबंध और दृढ़ होंगे।
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