मोदी कैबिनेट के बड़े फैसले: MSP बढ़ी, 37,500 करोड़ का गैसीकरण प्रोजेक्ट
मोदी कैबिनेट के 4 ‘मास्टर स्ट्रोक’: कोयला गैसीकरण पर 37,500 करोड़ को मंजूरी, 14 खरीफ फसलों की MSP बढ़ी; धोलेरा और नागपुर को भी बड़ी सौगात”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
वैश्विक चुनौतियों और गैस आपूर्ति संकट के बीच ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने, किसानों की आय बढ़ाने और इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए मोदी सरकार ने बुधवार को कई बड़े और ऐतिहासिक फैसले लिए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कोयला गैसीकरण, कृषि, रेलवे और नागरिक उड्डयन से जुड़ी चार प्रमुख योजनाओं को मंजूरी दी गई।
बैठक के बाद फैसलों की जानकारी देते हुए केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार का लक्ष्य देश की आयात निर्भरता को खत्म करना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
1. ऊर्जा आत्मनिर्भरता: कोयला गैसीकरण के लिए 37,500 करोड़ की योजना
भारत के विशाल कोयला भंडार को ऊर्जा का प्रमुख आधार बनाने के लिए कैबिनेट ने सतही कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं के लिए ₹37,500 करोड़ की योजना को मंजूरी दी है।
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लक्ष्य: वर्ष 2030 तक 10 करोड़ टन कोयले के गैसीकरण का राष्ट्रीय लक्ष्य (जिसमें से 7.5 करोड़ टन इस योजना के तहत होगा)।
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फायदा: एलएनजी (LNG), यूरिया, अमोनिया और मेथनॉल के आयात पर निर्भरता कम होगी। इससे लगभग 2.5 से 3 लाख करोड़ रुपये का निवेश आएगा और 50 हजार प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे।
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प्रोत्साहन: संयंत्र और मशीनरी लागत का 20% (अधिकतम 5,000 करोड़ रु. प्रति परियोजना) सरकार देगी।
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साथ ही निवेशकों की स्थिरता के लिए कोयला आपूर्ति की अवधि बढ़ाकर 30 वर्ष कर दी गई है। राज्यों को सालाना लगभग ₹6,300 करोड़ का राजस्व मिलेगा।
2. किसानों को बड़ा तोहफा: 14 खरीफ फसलों की MSP में जोरदार वृद्धि
किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य (लागत का कम से कम डेढ़ गुना) सुनिश्चित करने के लिए खरीफ विपणन मौसम 2026-27 के लिए 14 फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में भारी बढ़ोतरी की गई है:
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धान: नई MSP ₹2441 प्रति क्विंटल।
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सूरजमुखी: सबसे ज्यादा ₹622/क्विंटल की बढ़ोतरी।
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कपास: ₹557, रामतिल: ₹515 और तिल: ₹500/क्विंटल की बढ़ोतरी।
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दलहन: अरहर ₹8450, मूंग ₹8780 और उड़द ₹8200 प्रति क्विंटल तय।
3. इन्फ्रास्ट्रक्चर: अहमदाबाद-धोलेरा ‘सेमी हाई-स्पीड रेल’ प्रोजेक्ट को हरी झंडी
गुजरात में इंफ्रास्ट्रक्चर को नई रफ्तार देते हुए सरखेज (अहमदाबाद) से धोलेरा तक 134 किलोमीटर लंबी सेमी हाई-स्पीड डबल रेल लाइन को मंजूरी दी गई है।
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लागत और डेडलाइन: ₹20,667 करोड़ की लागत वाली यह परियोजना 2030-31 तक पूरी होगी।
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स्वदेशी तकनीक: यह भारतीय रेल की पहली सेमी हाई-स्पीड परियोजना होगी जिसमें पूरी तरह स्वदेशी तकनीक का उपयोग होगा।
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कनेक्टिविटी और पर्यावरण: यह अहमदाबाद, धोलेरा निवेश क्षेत्र, नए एयरपोर्ट और लोथल को जोड़ेगी।
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इससे 284 गांवों के 5 लाख लोग लाभान्वित होंगे। तेल आयात में कमी आएगी और 2 करोड़ किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन घटेगा (10 लाख पेड़ लगाने के बराबर)।
4. एविएशन: विश्वस्तरीय बनेगा नागपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा
महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को पंख लगाने के लिए नागपुर के ‘डॉक्टर बाबासाहेब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे’ के आधुनिकीकरण को मंजूरी दी गई है।
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यह काम सार्वजनिक निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत होगा, जिसके लिए जमीन लीज की अवधि बढ़ाकर 30 वर्ष कर दी गई है।
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क्षमता विस्तार के बाद यह एयरपोर्ट हर साल 3 करोड़ यात्रियों को संभालने और माल ढुलाई (Cargo) का प्रमुख क्षेत्रीय हब बनकर उभरेगा।











