Operation White Hammer

DRI का बड़ा एक्शन: आंध्र प्रदेश में 47 करोड़ की ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़, 237 किलो अल्प्राजोलम जब्त | The Politics Again

DRI का ‘ऑपरेशन व्हाइट हैमर’: केमिकल फैक्ट्री की आड़ में चल रहे 47 करोड़ के ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़, 237 किलो अल्प्राजोलम जब्त

नई दिल्ली/अमरावती (The Politics Again): संतोष सेठ की रिपोर्ट 

देश में सिंथेटिक ड्रग्स के अवैध निर्माण और तस्करी पर करारा प्रहार करते हुए, वित्त मंत्रालय के अधीन राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) ने एक बड़ी ऐतिहासिक कार्रवाई की है।

‘ऑपरेशन व्हाइट हैमर’ (Operation White Hammer) के तहत खुफिया एजेंसियों ने आंध्र प्रदेश के एनटीआर जिले में एक गुप्त ड्रग्स फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है।

इस बड़ी छापेमारी में 47 करोड़ रुपये मूल्य की 237 किलोग्राम ‘अल्प्राजोलम’ (Alprazolam) और 3.5 टन से अधिक खतरनाक केमिकल जब्त किया गया है।

‘ऑपरेशन व्हाइट हैमर’: केमिकल फैक्ट्री की आड़ में मौत का व्यापार

वित्त मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, DRI की टीम ने पुख्ता खुफिया इनपुट के आधार पर 11 और 12 मार्च 2026 को एनटीआर जिले के कोंडापल्ली औद्योगिक विकास क्षेत्र (IDA) में यह सुव्यवस्थित छापेमारी की।

यहाँ एक रासायनिक (केमिकल) मैन्युफैक्चरिंग इकाई का बोर्ड लगाकर भीतर ‘अल्प्राजोलम’ (NDPS अधिनियम, 1985 के तहत प्रतिबंधित मनोरोगी पदार्थ) का बड़े पैमाने पर औद्योगिक उत्पादन किया जा रहा था।

छापेमारी में क्या-क्या हुआ बरामद?

कारखाने की तलाशी के दौरान अधिकारियों ने जो जखीरा पकड़ा, वह एक संगठित और अंतरराष्ट्रीय स्तर के ड्रग सिंडिकेट की ओर इशारा करता है। मौके से निम्नलिखित चीजें जब्त की गई हैं:

  • तैयार ड्रग्स: 237 किलोग्राम अल्प्राजोलम (बाजार कीमत लगभग 47 करोड़ रुपये)।

  • कच्चा माल: 800 किलोग्राम से अधिक प्रमुख रॉ-मटेरियल।

  • घातक रसायन: कुल 2,860 लीटर (लगभग 3.5 टन) केमिकल।

  • औद्योगिक उपकरण: ड्रग्स बनाने के लिए इस्तेमाल हो रहे भारी रिएक्टर, ड्रायर और सेंट्रीफ्यूज मशीनें।

20 साल के अनुभवी ‘केमिस्ट’ का था शातिर दिमाग

शुरुआती जांच में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस मौत के कारखाने का मास्टरमाइंड एक ऐसा पेशेवर केमिस्ट है, जिसे रसायन और दवा क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है।

इस केमिस्ट ने अपने एक सहयोगी के साथ मिलकर इस फैक्ट्री परिसर को किराए पर लिया था। इसका सहयोगी हैदराबाद में बैठकर कच्चे माल की व्यवस्था करने और तैयार अल्प्राजोलम की गुप्त सप्लाई (वितरण) का नेटवर्क चलाता था।

DRI ने इन दोनों मुख्य साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे कड़ी पूछताछ की जा रही है।

‘नशा मुक्त भारत’ की ओर एक और बड़ा कदम

सरकार के ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत यह एक बड़ी कामयाबी है। मौजूदा वित्त वर्ष में DRI ने खुफिया जानकारी पर आधारित अपने अभियानों के जरिए अब तक ऐसी आठ (8) गुप्त दवा निर्माण इकाइयों को नष्ट कर दिया है।

यह कार्रवाई मादक और मनोरोगी पदार्थों के खतरे से समाज और युवाओं को बचाने की दिशा में सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को पुष्ट करती है।