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SIR विवाद :मचा भारी बवाल; सौरभ भारद्वाज, संजीव झा व नेहा बोरा हिरासत में

दिल्ली में SIR विवाद पर भारी बवाल: बैरिकेड्स तोड़े, बसों को घेरा; सौरभ भारद्वाज, संजीव झा और नेहा बोरा समेत दर्जनों हिरासत में”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : श्रीमती शिल्पा की रिपोर्ट 

चुनाव आयोग की मतदाता सूची के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रविवार को लगातार तीसरे दिन भारी हंगामा और सड़क संग्राम देखने को मिला।

आम आदमी पार्टी (AAP), उसके छात्र संगठन ASAP, कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI, और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) सहित कई नागरिक संगठनों के कार्यकर्ता भारी संख्या में सड़कों पर उतर आए।

जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर पुलिस बैरिकेड्स तोड़ दिए, जिसके बाद सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी धक्का-मुक्की और तनाव की स्थिति पैदा हो गई।

बैरिकेड्स तोड़े, हिरासत में ले जा रही बसों को रोकने का प्रयास

रविवार दोपहर प्रदर्शन की शुरुआत अशोक रोड स्थित आंध्र भवन सर्कल के पास से हुई। हजारों की संख्या में छात्र और राजनीतिक कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां लिए नारेबाजी करते हुए जंतर-मंतर की तरफ कूच करने लगे।

प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने कई स्तरों (मल्टी-लेयर) पर मजबूत बैरिकेडिंग कर रखी थी। उग्र भीड़ ने सुरक्षा घेरा तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया।

जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बसों में बैठाना शुरू किया, तो AAP कार्यकर्ताओं ने बसों के आगे आकर उन्हें रोकने की कोशिश की।

हालात बिगड़ते देख दिल्ली पुलिस के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों को मोर्चा संभालना पड़ा।

सौरभ भारद्वाज और विधायक संजीव झा हिरासत में, पुलिस पर गंभीर आरोप

इंडिया गेट और मध्य दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और बुराड़ी से विधायक संजीव झा सहित कम से कम 25 पार्टी कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया।

हिरासत में लिए जाने के बाद सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली पुलिस पर घोर अमानवीय व्यवहार और बदसलूकी का आरोप लगाया।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक तस्वीर साझा करते हुए दावा किया कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें एक वस्तु की तरह उल्टा उठा लिया, ताकि मीडिया कैमरों में उनका चेहरा न दिखे।

वहीं, आप विधायक संजीव झा ने कहा कि नागरिकों के मताधिकार से जुड़े गंभीर सवालों से सत्ता नहीं बच सकती; इसका हल खामोशी, पुलिसिया लाठी या दमन से नहीं, बल्कि पारदर्शिता और निष्पक्षता से ही संभव है।

निजी गाड़ी में नेहा बोरा की हिरासत पर विवाद, NSUI का भी हल्लाबोल

AISA कार्यकर्ताओं ने भी लगातार तीसरे दिन जंतर-मंतर पहुंचने की पुरजोर कोशिश की। प्रदर्शन के दौरान AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा बैरिकेड्स पर चढ़ गईं, जहां से पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया।

AISA ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने नेहा बोरा को बिना सरकारी नंबर प्लेट वाली एक निजी गाड़ी में हिरासत में लिया और वाहन में कोई महिला पुलिस अधिकारी भी मौजूद नहीं थी।

संगठन ने इसे कानूनी और मानवीय प्रक्रियाओं का खुला उल्लंघन बताया है। इसके साथ ही NSUI कार्यकर्ताओं ने भी सीईसी के इस्तीफे की तख्तियां लेकर जोरदार प्रदर्शन किया और गिरफ्तारियां दीं।

क्यों सुलग रहा है SIR विवाद?

विपक्षी दलों और छात्र संगठनों का आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के जरिए बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम सूची से मनमाने तरीके से हटाए जा रहे हैं।

यह विवाद उस वक्त और गहरा गया जब ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में SIR से जुड़े कई अहम आदेशों पर 14 बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज कराई थीं और कहा था कि ये फैसले उनकी जानकारी के बिना लिए गए।

हालांकि, निर्वाचन आयोग ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि किसी भी संवैधानिक संस्था में आंतरिक विचार-विमर्श के दौरान विभिन्न राय और आपत्तियां होना सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है।

आयोग के अनुसार, SIR के सभी निर्णय पूरी तरह कानूनी प्रक्रियाओं के तहत लिए गए हैं और वे विधि सम्मत हैं।

दिल्ली SIR विरोध प्रदर्शन: मुख्य घटनाक्रम और तथ्य

बिंदु / पहलू विवरण और स्थिति
प्रदर्शन का मुख्य कारण वोटर लिस्ट में SIR प्रक्रिया की कथित अनियमितताएं और CEC का इस्तीफा
शामिल दल व संगठन आम आदमी पार्टी (AAP), ASAP, NSUI, AISA एवं अन्य सामाजिक संगठन
प्रमुख हिरासत सौरभ भारद्वाज, विधायक संजीव झा, नेहा बोरा और दर्जनों कार्यकर्ता
प्रदर्शन का केंद्र आंध्र भवन सर्कल, अशोक रोड, इंडिया गेट और जंतर-मंतर मार्ग
सुरक्षा तैनाती दिल्ली पुलिस, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), बैरिकेडिंग
प्रमुख आरोप बैरिकेड्स तोड़ना, पुलिस की बदसलूकी, बिना महिला पुलिस के निजी वाहन में हिरासत
विवाद की जड़ दो चुनाव आयुक्तों की 14 बार दर्ज आपत्तियां (इंडियन एक्सप्रेस रिपोर्ट)
चुनाव आयोग का रुख सभी निर्णय पूरी तरह कानूनी, वैधानिक और संस्थागत प्रक्रिया के अनुरूप