BSP MLA Umashankar Singh IT raid

यूपी में बड़ा एक्शन: BSP विधायक उमाशंकर सिंह के ठिकानों पर IT का छापा, 10 करोड़ कैश बरामद | The Politics Again

“यूपी में ‘ऑपरेशन क्लीन’: BSP के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के 30 ठिकानों पर IT का छापा, ‘बाराती’ बनकर पहुंची टीम ने 10 करोड़ कैश किया बरामद”

लखनऊ (The Politics Again) : मंगेश प्रजापति की रिपोर्ट 

उत्तर प्रदेश की राजनीति और नौकरशाही में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बहुजन समाज पार्टी (BSP) के यूपी में इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह और उनके करीबियों के ठिकानों पर आयकर (Income Tax) विभाग ने ताबड़तोड़ छापेमारी की।

बलिया की रसड़ा विधानसभा सीट से विधायक उमाशंकर सिंह के लखनऊ, बलिया, सोनभद्र, कौशांबी, मिर्जापुर और प्रयागराज स्थित 30 से अधिक ठिकानों पर 50 से ज्यादा अधिकारियों की टीमों ने एक साथ दबिश दी।

‘बाराती’ बनकर पहुंची आयकर टीम

बलिया में विधायक उमाशंकर सिंह के आवास पर छापा मारना आयकर विभाग के लिए आसान नहीं था। भनक लगने पर हंगामा या सबूत मिटाए जाने की आशंका थी।

इसलिए, आयकर टीम फिल्मी अंदाज में सरकारी गाड़ियों के बजाय ‘बरातियों’ के रूप में पहुंची। उनके वाहनों पर ‘महेंद्र कुमार संग संगीता कुमारी’ नाम के शादी वाले स्टीकर लगे हुए थे।

इस अचूक रणनीति के चलते अधिकारी बिना किसी शोर-शराबे के सीधे आवास तक पहुंच गए और कार्रवाई शुरू कर दी।

लखनऊ आवास से 10 करोड़ कैश बरामद, कई जगह कार्रवाई जारी

राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर (विपुल खंड) स्थित उनके आवास पर बुधवार से जारी आयकर टीम का छापा गुरुवार को समाप्त हो गया।

जानकारी के मुताबिक, उनके घर से 10 करोड़ रुपये की भारी-भरकम नकदी बरामद हुई है। हालांकि, उनकी कंपनी ‘छात्रशक्ति कंस्ट्रक्शन कंपनी’ के कॉरपोरेट ऑफिस, वजीर हसन रोड स्थित करीबी ठेकेदार फैजी और अन्य स्थानों पर अभी भी कार्रवाई और दस्तावेजों की जांच जारी है।

इसके अलावा सोनभद्र में ‘साईं राम इंटरप्राइजेज’ के नाम से खनन कारोबार करने वाले उनके करीबी सीबी गुप्ता के ठिकानों को भी खंगाला जा रहा है।

खनन घोटाले और CAG रिपोर्ट से जुड़े हैं तार

यह पूरी कार्रवाई अवैध खनन से जुड़ी हुई मानी जा रही है। उमाशंकर सिंह सड़क और खनन से जुड़े बड़े ठेके लेते हैं।

बीते वर्ष नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया था कि सोनभद्र में अवैध खनन कार्यों के चलते सरकारी खजाने को करीब 60 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है।

माना जा रहा है कि इसी रिपोर्ट के आधार पर टैक्स चोरी और बेनामी संपत्तियों की यह बड़ी जांच शुरू की गई है।

रडार पर कई ब्यूरोक्रेट्स, खुलेंगे राज

आयकर विभाग के इस छापे में सोनभद्र और मिर्जापुर में हुए अवैध खनन से जुड़े कई बेहद अहम और कच्चे दस्तावेज हाथ लगे हैं।

सूत्रों के अनुसार, इन डायरियों/दस्तावेजों में यूपी के कई बड़े अधिकारियों (ब्यूरोक्रेट्स) के नाम और उन्हें पहुंचाई गई रकम का जिक्र है।

आयकर विभाग को गहरा शक है कि इस खनन कारोबार में कई नौकरशाहों ने अपनी ‘काली कमाई’ का निवेश किया हुआ है। आने वाले दिनों में इस मामले में कई बड़े नाम बेनकाब हो सकते हैं।

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