TMC MPs MLAs Rebellion

बंगाल : TMC के 20 सांसद, 60 विधायक और 21 पार्षदों ने छोड़ी पार्टी

बंगाल में TMC के भीतर ‘बगावत का तूफान’: विधायकों और सांसदों के बाद अब 21 पार्षदों ने दिया इस्तीफा “

कोलकाता/नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) इस वक्त अपने सबसे बुरे राजनीतिक संकट से गुजर रही है। एक तरफ पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी दिल्ली में ‘इंडी अलायंस’ (I.N.D.I.A) की बैठकों में हिस्सा ले रही थीं, तो दूसरी तरफ उनकी अपनी ही पार्टी टुकड़े-टुकड़े हो गई है।

विधायकों और सांसदों की बगावत के बाद अब यह संकट निचले स्तर यानी नगरपालिकाओं तक पहुंच गया है।

विधानसभा चुनावों में मिली करारी हार के बाद पार्टी के भीतर हर स्तर पर टूट और इस्तीफों का सिलसिला जारी है।

उत्तर दमदम नगरपालिका में सामूहिक इस्तीफा

टीएमसी को सबसे ताजा झटका नॉर्थ 24 परगना जिले में लगा है:

  • जिले की उत्तर दमदम नगरपालिका के 35 में से 21 पार्षदों ने एक साथ अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

  • इन बागी पार्षदों के साथ नगरपालिका के अध्यक्ष बिधान बिस्वास ने भी अपना त्यागपत्र सौंप दिया है।

  • इस्तीफे का कारण: पार्षदों ने स्पष्ट किया है कि वे राज्य विधानसभा चुनावों में टीएमसी को मिली भारी हार और जनता द्वारा पार्टी की अस्वीकृति की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए यह कदम उठा रहे हैं।

विधानसभा से लेकर राज्यसभा तक ‘दीदी’ को दरकिनार किया गया

पार्टी के भीतर बगावत के आंकड़े यह बता रहे हैं कि असल टीएमसी अब ममता बनर्जी के हाथों से फिसल चुकी है:

  • विधानसभा में बगावत: टीएमसी के कुल 80 विधायकों में से 60 ने ममता बनर्जी को दरकिनार करते हुए अपना अलग ‘नेता विपक्ष’ चुन लिया है।

  • राज्यसभा में इस्तीफा: उच्च सदन (राज्यसभा) में भी टीएमसी के 13 में से 2 सांसदों ने पार्टी छोड़कर अपना इस्तीफा दे दिया है।

लोकसभा में नया गुट बनाने की तैयारी, BJP नेताओं से हुई मुलाकात

सबसे बड़ा झटका पार्टी को लोकसभा में लगा है, जहां टीएमसी पूरी तरह से टूट की कगार पर है:

  • नंबर गेम: लोकसभा में टीएमसी के कुल 28 सांसद हैं। दल-बदल कानून से बचने और असली पार्टी पर दावा ठोकने के लिए दो-तिहाई यानी 18 सांसदों की जरूरत होती है।

  • रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीएमसी के 20 सांसद बागी हो चुके हैं, जो बहुमत के आंकड़े से ज्यादा है।

  • स्पीकर को लेटर: इन बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) को पत्र लिखकर संसद में अपना नया गुट बनाने की तैयारी कर ली है।

  • बीजेपी के साथ मंथन: सोमवार को दिन में इन बागी सांसदों ने बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर बैठक की है, जिसके बाद नए गुट की रूपरेखा पर मुहर लग गई है।

सामने आए इन प्रमुख बागी सांसदों के नाम

टीएमसी के जो 20 सांसद बागी हुए हैं, उनमें से कई पार्टी के कद्दावर और प्रमुख चेहरे रहे हैं। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • काकोली घोष (बारासात)

  • प्रसून बनर्जी (हावड़ा)

  • शताब्दी रॉय (बीरभूम)

  • असित मल (बोलपुर)

  • बापी हलदर (मथुरापुर)

  • जून मालिया (मेदिनीपुर)

  • जगदीश बसुनिया (कूचबिहार)

  • अरुप चक्रवर्ती (बांकुरा)

  • पार्थ भौमिक (बैरकपुर)

  • शर्मिला सरकार (बर्धमान पूर्व)

राजनीतिक जानकारों और खुद टीएमसी नेताओं का भी अब यह मानना है कि पार्टी पूरी तरह से दो फाड़ हो चुकी है और पश्चिम बंगाल की राजनीति में यह एक नए युग की शुरुआत का संकेत है।