“डीजीपी की सख्ती के बाद देर रात हरदी थाना प्रभारी और महसी चौकी प्रभारी को निलंबित किया गया। एक साथ पूरे जिले में विरोध शुरू होने पर आला अधिकारी भी सकते में नजर आए”
बहराइच 14 / 10 / 2024 मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार
महराजगंज की घटना के विरोध में पूरे बहराइच जिले में बवाल बढ़ गया है। देर रात तक प्रदर्शन और जगह-जगह आगजनी होती रही। इस बीच पुलिस व प्रशासन बैकफुट पर नजर आया।
डीजीपी की सख्ती के बाद देर रात हरदी थाना प्रभारी और महसी चौकी प्रभारी को निलंबित किया गया। एक साथ पूरे जिले में विरोध शुरू होने पर आला अधिकारी भी सकते में नजर आए।
स्टीलगंज व अस्पताल चौराहे पर आगजनी
गायघाट पर भी रविवार देर रात पूजा समितियों ने प्रतिमाओं का विसर्जन रोक दिया। डीएम-एसपी पर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया। स्टीलगंज तालाब मार्केट के पास गाड़ी में आग लगा दी। अस्पताल चौराहे पर लगे बैनर गिराकर आग के हवाले कर दिया।
दमकल टीम पर पथराव
आग बुझाने पहुंची दमकल टीम पर भी पथराव कर दिया। कर्मचारी किसी तरह वहां से भागे। पुलिस ने लाठी भांजकर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा।
देर रात मौके पर डीएम मोनिका रानी भी पहुंचीं। उन्हें देख लोगों ने फिर पुलिस व प्रशासन के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी।
लगे योगी बाबा जिंदाबाद के नारे
गुस्साए लोगों ने देर रात करीब 11:30 बजे नानपारा-लखीमपुर हाईवे भी जाम कर दिया। इस बीच डीएम-एसपी के खिलाफ नारेबाजी के बीच सीएम योगी जिंदाबाद के नारे भी लगे। गुस्साए लोग लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर लगातार कार्रवाई की मांग करते रहे।
विरोध देख छूटे पुलिस के पसीने
विसर्जन जुलूस में शामिल रामगोपाल मिश्रा की गोली मारकर हत्या के बाद विरोध तेजी से बढ़ा। पूजा समितियों के साथ ही स्थानीय लोग और परिजनों का गुस्सा देख पुलिस के भी पसीने छूट गए।
हालत यह रही कि मेडिकल कॉलेज के बाहर हो रहे प्रदर्शन में भी किसी पुलिस अधिकारी ने पहुंचने की हिम्मत नहीं जुटाई। देर रात महसी विधायक ने किसी तरह से परिजनों को समझाया और जाम समाप्त हुआ।
महसी सीओ पर भी गंभीर आरोप, भारी गुस्सा
महराजगंज की घटना के बाद सबसे ज्यादा आरोप पुलिस व प्रशासन पर लगे। घटना के बाद लोगों ने आरोप लगाया कि गाने को लेकर जब दूसरे समुदाय की ओर से गाली गलौज की गई तो पुलिस व प्रशासन के जिम्मेदार मूकदर्शक बने रहे।
आरोप है कि मौके पर एसओ मौजूद भी नहीं रहे। आरोप है कि जब पथराव हुआ और पूजा समितियों के लोगों ने प्रदर्शन किया तो पुलिस ने उनपर ही लाठी चार्ज कर दिया।
जिससे भगदड़ मच गई और दूसरे समुदाय के लोग रामगोपाल को घर में उठा ले गए, जहां उनके साथ बर्बरता के बाद गोली मार दी गई।
कब क्या हुआ
बवाल पर पुलिस की बोलती बंद, सवालों पर साधी चुप्पी
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