जौनपुर: जबरन स्मार्ट मीटर लगाने पर भड़की आजाद समाज पार्टी, बड़ा प्रदर्शन
जौनपुर : ‘बिना तार जुड़े आ रहा बिल, न दें तो फर्जी मुकदमे की धमकी’, जबरन स्मार्ट मीटर लगाने पर भड़की आजाद समाज पार्टी “
जौनपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : वरुण यादव की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश में ‘प्रीपेड स्मार्ट मीटर’ (Prepaid Smart Meters) लगाने की प्रक्रिया अब एक बड़े राजनीतिक और जन-आंदोलन का रूप लेती जा रही है।
जौनपुर में शनिवार को आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कार्यकर्ताओं ने बिजली विभाग और ठेकेदारों की मनमानी के खिलाफ सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया।
पार्टी के जिलाध्यक्ष एस.पी. मानव (S.P. Manav) के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने प्रीपेड स्मार्ट मीटरों की जबरन स्थापना के विरोध में आवाज बुलंद की और महामहिम राज्यपाल तथा जिलाधिकारी (DM) को ज्ञापन सौंपकर इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
गंभीर आरोप: दलित और पिछड़े वर्गों को बनाया जा रहा निशाना
प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष एस.पी. मानव ने बिजली विभाग के ठेकेदारों पर गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए।
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उनका कहना है कि अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अल्पसंख्यक समुदायों के घरों को विशेष रूप से निशाना बनाकर वहां जबरन ये प्रीपेड मीटर थोपे जा रहे हैं।
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सरकार के आदेशों की अनदेखी: उन्होंने याद दिलाया कि उत्तर प्रदेश सरकार पहले ही प्रीपेड सिस्टम को समाप्त करने की बात कह चुकी है।
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इसके अलावा, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने भी लोकसभा में स्पष्ट किया था कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगवाना अनिवार्य (Mandatory) नहीं है, बल्कि यह उपभोक्ताओं की इच्छा (Voluntary) पर निर्भर है। बावजूद इसके, ठेकेदार मनमानी कर रहे हैं।
मीटर चालू नहीं, फिर भी मोबाइल पर आ रहे ऑनलाइन बिल
आजाद समाज पार्टी ने इस योजना में चल रहे बड़े ‘घोटाले’ की ओर इशारा किया है। एस.पी. मानव ने बताया कि कई घरों में प्रीपेड स्मार्ट मीटर सिर्फ रख दिए गए हैं, उन्हें बिजली के खंभे या तार से जोड़ा तक नहीं गया है। इसके बावजूद:
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उपभोक्ताओं के मोबाइल पर लगातार ऑनलाइन बिजली के बिल (Online Bills) भेजे जा रहे हैं।
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जब गरीब जनता इन फर्जी बिलों को जमा करने में असमर्थता जताती है, तो उन्हें बिजली चोरी या अन्य फर्जी मुकदमों (Fake FIR) में फंसाने की खुली धमकियां दी जा रही हैं।
आजादी के दशकों बाद भी गांवों में केवल खंभे, तार नदारद
पार्टी ने जिले के ग्रामीण विद्युतीकरण की पोल खोलते हुए कहा कि आज भी जौनपुर के कई गांवों में आजादी के इतने वर्षों बाद केवल बिजली के खंभे गाड़ दिए गए हैं, लेकिन उन पर आज तक तार नहीं खींचे गए। बिना बिजली आपूर्ति के ही कागजों पर गांवों को रोशन दिखाया जा रहा है।
आजाद समाज पार्टी की 3 प्रमुख मांगें:
राज्यपाल और जिलाधिकारी को सौंपे गए पत्र में पार्टी ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
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ठेकेदारों द्वारा घरों में जबरन लगाए जा रहे प्रीपेड स्मार्ट मीटरों पर तत्काल रोक लगाई जाए।
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बिना कनेक्शन और उपयोग के उत्पन्न हुए सभी फर्जी ऑनलाइन बिलों को तुरंत रद्द किया जाए।
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जिन गांवों और बस्तियों में अब तक बिजली नहीं पहुंची है, वहां दिखावे के बजाय वास्तविक विद्युतीकरण (तार और कनेक्शन) सुनिश्चित किया जाए।











