जौनपुर जिला अस्पताल में भर्ती आजाद बिंद की बहन सौम्या बिंद

जौनपुर: धरने पर बैठी आजाद बिंद की बहन सौम्या की तबीयत बिगड़ी

जौनपुर आजाद बिंद हत्याकांड: 19 दिनों से धरने पर बैठी बहन सौम्या की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती; पुलिस पर लगाया बड़ा आरोप”

जौनपुर : THE POLITICS AGAIN डेस्क: वरुण यादव की रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के जौनपुर (Jaunpur) से एक दर्दनाक और व्यवस्था पर सवाल उठाने वाली खबर सामने आई है।

खेतासराय थाना क्षेत्र में हुई आजाद बिंद की हत्या (Azad Bind Murder Case) के मामले में न्याय की मांग को लेकर जौनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठी उनकी बहन सौम्या बिंद की सोमवार शाम 6 बजे अचानक तबीयत बिगड़ गई। आनन-फानन में उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

सौम्या पिछले 19 दिनों (18 जून से) से कलेक्ट्रेट परिसर में अपने भाई के हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए अनिश्चितकालीन धरने पर बैठी हैं।

डिहाइड्रेशन के कारण बिगड़ी तबीयत

जिला अस्पताल में सौम्या का इलाज कर रहे डॉक्टर सलमान अंसारी ने बताया कि लगातार धरने पर बैठने और गर्मी के कारण वह ‘डिहाइड्रेशन’ (Dehydration) का शिकार हो गई थीं। हालांकि, डॉक्टरों के अनुसार अब सौम्या बिंद की हालत स्थिर है और उनका इलाज जारी है।

क्या है पूरा मामला? (आजाद बिंद हत्याकांड)

यह दर्दनाक घटना 1 मई 2026 की है, जब जौनपुर के खेतासराय थाना क्षेत्र में आजाद बिंद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि यह वारदात उस वक्त हुई, जब आजाद बिंद अपनी खुद की बारात लेकर जा रहे थे।

इस दुस्साहसिक हत्या के बाद से ही पीड़ित परिवार और स्थानीय ग्रामीण इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं।

पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट होकर आजाद की बहन सौम्या बिंद ने 18 जून से कलेक्ट्रेट में अनिश्चितकालीन धरना (Protest) शुरू किया था।

सौम्या ने प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

अस्पताल में इलाज करा रहीं सौम्या बिंद ने पुलिस और जिला प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं:

  • कार्रवाई में ढिलाई: सौम्या का आरोप है कि प्रशासन द्वारा आरोपियों के घर गिराने का आदेश जारी होने के बावजूद, जमीनी स्तर पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

  • झूठे आश्वासन: उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन केवल झूठे आश्वासन देकर मामले को शांत करने और रफा-दफा करने का प्रयास कर रहा है।

सौम्या ने सख्त लहजे में स्पष्ट किया है कि भले ही उनकी तबीयत बिगड़ गई हो, लेकिन जब तक उनके भाई के हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती और उन्हें इंसाफ नहीं मिलता, उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।