Indian Army Chief General Dheeraj Seth reviewing security and combat readiness in forward areas.

सेना प्रमुख धीरज सेठ का सख्त संदेश, युद्ध के लिए हर पल तैयार रहें

सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ का सख्त संदेश: “युद्ध के लिए हर पल तैयार रहे सेना, सोशल मीडिया भी है नया रणक्षेत्र”

नई दिल्ली/जम्मू: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

भारतीय सेना के नए प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने पदभार ग्रहण करते ही पूरी सेना को एक स्पष्ट और सख्त संदेश दे दिया है।

उनका कहना है कि सेना को दावों से बाहर निकलकर जमीनी हकीकत पर काम करना होगा और किसी भी चुनौती से निपटने के लिए हर पल ‘मिशन मोड’ में रहना होगा।

6 जुलाई 2026 को सभी सैन्य अधिकारियों को भेजे गए “टुगेदर टुवर्ड्स एक्सीलेंस” (Together Towards Excellence) शीर्षक वाले पत्र में सेना प्रमुख ने युद्धक तैयारियों को सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया है।

‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ और ‘ऑपरेशन स्नो लेपर्ड 2.0’ के लिए रहें अलर्ट

जनरल सेठ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ और ‘ऑपरेशन स्नो लेपर्ड 2.0’ जैसी किसी भी संभावित स्थिति के लिए पूरी तरह मुस्तैद रहें।

सेना प्रमुख ने स्पष्ट किया कि युद्ध की तैयारी का मतलब सिर्फ आधुनिक हथियार होना नहीं है, बल्कि रसद व्यवस्था, मानव संसाधन, सैनिकों का ऊंचा मनोबल और हर स्तर पर बेहतरीन समन्वय होना भी है।

उन्होंने अचानक निरीक्षण (Surprise Inspections) के जरिए हर इकाई की वास्तविक परिचालन क्षमता का परीक्षण करने के भी निर्देश दिए हैं।

आदर्श समाधान का इंतजार न करें, तुरंत फैसले लें

चुनौतियों से निपटने के लिए व्यावहारिक सोच पर जोर देते हुए जनरल सेठ ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में ‘आदर्श समाधान’ (Ideal Solution) का इंतजार करने के बजाय, ऐसे उपाय तलाशें जो सरल, प्रभावी और तुरंत लागू किए जा सकें।

छोटी-छोटी रणनीतिक सुधार भी युद्धक्षेत्र में बड़ा फायदा दिला सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हर छोटी समस्या का समाधान उच्च कमान से मांगने के बजाय इकाई स्तर पर ही खोजा जाना चाहिए, ताकि निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज हो।

विकसित भारत 2047 और नेतृत्व की कसौटी

सेना प्रमुख ने कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय लक्ष्य को साकार करने में सेना की भूमिका केवल सीमाओं की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए व्यापक सोच और परिपक्व नेतृत्व की भी आवश्यकता है।

उन्होंने सैन्य अधिकारियों को खुद उदाहरण पेश करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अधिकारी शारीरिक रूप से फिट रहें, सैनिकों के साथ कठिनाइयां साझा करें और ऐसा माहौल बनाएं जहां उनके अधीनस्थ नई सोच और नवाचार (Innovation) प्रस्तुत कर सकें।

“सोशल मीडिया अब नया रणक्षेत्र है”

जनरल सेठ ने ग्रे-ज़ोन वारफेयर (Grey Zone Warfare) की चेतावनी देते हुए कहा कि आज युद्ध सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं है।

सोशल मीडिया अब एक नया रणक्षेत्र बन चुका है, जहां विरोधी ताकतें मानसिक और सूचनात्मक हमले करती हैं।

इसलिए, सभी अधिकारियों और जवानों को सोशल मीडिया पर अत्यधिक सतर्क, जिम्मेदार और संयमित व्यवहार अपनाना चाहिए।

राजौरी-पुंछ के अग्रिम इलाकों का किया दौरा

सेना प्रमुख का यह सख्त पत्र ऐसे समय में सामने आया है जब जनरल धीरज सेठ ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ जिलों के अग्रिम इलाकों का दौरा किया।

सेनाध्यक्ष का पदभार संभालने के बाद यह उनकी पहली पुंछ यात्रा थी। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति, सैनिकों की युद्ध तत्परता और निगरानी व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की तथा फील्ड कमांडरों से अभियानगत तैयारियों की जानकारी ली।