Amit Shah Bhuj Border Visit

भुज में अमित शाह का ऐलान: सीमा पर लागू होगी ‘टेरिटोरियल सुरक्षा’

कच्छ के भुज में गृह मंत्री अमित शाह का बड़ा ऐलान: सीमा पर लागू होगा ‘टेरिटोरियल सुरक्षा’ का नया कॉन्सेप्ट, G-7 व G-13 BOP का किया लोकार्पण

भुज (गुजरात): द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज गुजरात के कच्छ स्थित भुज में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा का दौरा किया।

इस दौरान उन्होंने रणनीतिक रूप से बेहद अहम G-7 और G-13 बॉर्डर आउट पोस्ट (BOP) का लोकार्पण किया और अग्रिम मोर्चे पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों से सीधा संवाद कर उनका हौसला बढ़ाया।

इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उप-मुख्यमंत्री हर्ष संघवी, केंद्रीय गृह सचिव, आईबी (IB) के निदेशक और बीएसएफ के महानिदेशक सहित कई शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे। गृह मंत्री ने इस दौरे पर देश के ‘सुरक्षा ग्रिड’ को लेकर कई ऐतिहासिक घोषणाएं कीं।

सुरक्षा नीति में ऐतिहासिक बदलाव: ‘चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड’

अमित शाह ने अपने संबोधन में सबसे बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि बीएसएफ के 60वें स्थापना वर्ष में सरकार सीमा सुरक्षा की पूरी अवधारणा को बदलने जा रही है।

  • नया कॉन्सेप्ट: आने वाले दिनों में सीमा पर केवल ‘बॉर्डर सुरक्षा’ की जगह ‘टेरिटोरियल सुरक्षा’ (Territorial Security) का नया कॉन्सेप्ट लॉन्च किया जाएगा।

  • चतुष्कोणीय मॉडल: इसके तहत एक ‘चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड’ (Quadrilateral Security Grid) बनाया जाएगा, जिसमें स्थानीय जनता, सिविल प्रशासन, स्थानीय पुलिस, सेना और बीएसएफ के जवान—सभी की प्रमुख और संयुक्त जिम्मेदारी होगी।

  • स्मार्ट बॉर्डर सिक्योरिटी: हजारों करोड़ रुपये के निवेश से ड्रोन, रडार, वॉच टावर और अत्याधुनिक तकनीक के जरिए सीमाओं को इतना अभेद्य बनाया जाएगा कि कोई भी सरहद भेदने की हिम्मत नहीं कर पाएगा।

‘हरामी नाला’ और सरक्रीक बनेंगे पूरी तरह ‘लीक प्रूफ’

गृह मंत्री ने कच्छ के दुर्गम और संवेदनशील ‘हरामी नाला’ और ‘सरक्रीक’ इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया।

  • उन्होंने बताया कि पहले यह इलाका सुरक्षा की दृष्टि से पिछड़ा हुआ था, लेकिन मोदी सरकार ने बजट की चिंता किए बिना यहां वॉच टावर, कनेक्टिंग रोड, पेयजल और नई फेंसिंग (तारबंदी) का काम युद्धस्तर पर किया है।

  • पूरी BOP को ग्राउंड लेवल से ऊपर उठाया गया है। अगले दो साल में यह पूरा क्षेत्र दुश्मन की बुरी नजर से हमेशा के लिए ‘लीक प्रूफ’ और सुरक्षित हो जाएगा।

पश्चिम बंगाल: बॉर्डर फेंसिंग पर बड़ा अपडेट

अमित शाह ने घुसपैठ रोकने के मोर्चे पर एक बड़ा अपडेट देते हुए बताया कि बंगाल में अधूरी फेंसिंग सुरक्षा ग्रिड की एक बड़ी कमी थी।

  • उन्होंने कहा कि बंगाल में नई राज्य सरकार (पार्टी की सरकार) बनने के बाद मुख्यमंत्री ने एक सप्ताह के भीतर ही बॉर्डर पर फेंसिंग के लिए जमीन देने का सैद्धांतिक फैसला कर लिया है।

  • जमीन मिलते ही फेंसिंग का काम पूरा होगा और नदी-नालों व जंगलों के रास्ते होने वाली घुसपैठ को ‘तकनीकी फेंसिंग’ के जरिए पूरी तरह रोक दिया जाएगा।

‘BSF जवानों का काम हमारे काम से कहीं ज्यादा कठिन’

गृह मंत्री ने बीएसएफ जवानों के अदम्य साहस और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि जब जवान सीमाओं पर नहीं थकते, तो हमें (नेताओं/अधिकारियों को) थकने का कोई अधिकार नहीं है।

  • कठिन परिस्थितियां: बीएसएफ के जवान -45 डिग्री से लेकर +45 डिग्री से अधिक के जानलेवा तापमान में, कश्मीर की बर्फीली चोटियों से लेकर कच्छ के दलदली रेगिस्तान और राजस्थान के तपते रेत के टीलों तक ‘फर्स्ट लाइन ऑफ डिफेंस’ का दायित्व निभा रहे हैं।

  • सर्वोच्च बलिदान: पिछले छह दशकों में बल के 2000 जांबाज जवानों ने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है, जिसके कारण आज 140 करोड़ भारतीय चैन की नींद सोते हैं।

अमित शाह ने बनासकांठा में बनाए गए विशेष बीएसएफ केंद्र का भी जिक्र किया, जहां पिछले एक महीने में 2.5 लाख से ज्यादा लोगों ने आकर बीएसएफ की कठिन ड्यूटी को करीब से जाना और समझा है।

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