अफगान वायुसेना का पाकिस्तान पर हमला, ISIS ठिकानों को किया तबाह
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच ‘खुला युद्ध’? तालिबान का दावा- पाकिस्तानी सीमा में घुसकर ISIS के ठिकानों पर की भीषण एयरस्ट्राइक”
काबुल/इस्लामाबाद: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमाई विवाद और कूटनीतिक तल्खी अब एक बेहद विस्फोटक मोड़ पर पहुंच गई है।
अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज तालिबान सरकार ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि उसकी वायु सेना ने पाकिस्तानी सीमा के भीतर घुसकर आतंकवादी संगठन आईएसआईएस (ISIS/Daesh) के ठिकानों पर भीषण हवाई हमले किए हैं।
यह सैन्य कार्रवाई पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा अफगान सीमा पर किए गए उस ऑपरेशन के ठीक दो दिन बाद हुई है, जिसमें काबुल के मुताबिक कम से कम 36 अफगान नागरिक मारे गए थे।
इस पूरी घटना ने अशांत सीमा पर सैन्य तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है।
अफगानिस्तान का दावा: दाएश (ISIS) के सेंटर को किया नेस्तनाबूत
अफगान अधिकारियों के अनुसार, उनकी वायु सेना ने मंगलवार रात पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में गहरी पैठ बनाते हुए कार्रवाई की:
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अफगानिस्तान ने बलूचिस्तान प्रांत के पशीन ज़िले के सरनान इलाक़े में सटीक हवाई हमले किए।
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इन हमलों में ‘दाएश’ (ISIS) चरमपंथियों के एक संयुक्त ऑपरेशन सेंटर को पूरी तरह तबाह कर दिया गया।
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अफगान अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि इन ठिकानों का इस्तेमाल सीधे तौर पर अफगानिस्तान के खिलाफ आतंकी हमलों की योजना बनाने और उनके समन्वय के लिए किया जा रहा था।
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इस गंभीर सैन्य कार्रवाई पर पाकिस्तान की ओर से अब तक पूरी तरह से चुप्पी साधी गई है।
पाकिस्तानी ऑपरेशन बनाम अफगानी दावे
इस ताज़ा एयरस्ट्राइक की जड़ें दो दिन पहले पाकिस्तान द्वारा किए गए एक सैन्य ऑपरेशन से जुड़ी हैं। दोनों देशों के दावों में भारी विरोधाभास है, जिसे नीचे दी गई तालिका से समझा जा सकता है:
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पक्ष |
सैन्य कार्रवाई पर दावा |
हताहतों पर बयान |
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पाकिस्तान |
रविवार देर रात सीमा पर जमीनी और हवाई ऑपरेशन किया गया, जो आतंकी हमलों का जवाब था। |
29 चरमपंथियों को मार गिराने का दावा किया गया। |
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अफगानिस्तान |
पाकिस्तानी सेना ने पक्तिया प्रांत के चमकाणी ज़िले में रिहायशी घरों को निशाना बनाया। इसे “कायरतापूर्ण कृत्य” बताया। |
36 नागरिकों की मौत और 160 से अधिक के घायल होने का दावा किया गया। |
एक के बाद एक दो हमले: तालिबान का गंभीर आरोप
अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के डिप्टी प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने पाकिस्तान पर सीधे तौर पर नागरिकों के नरसंहार का आरोप लगाया है।
“पाकिस्तानी सेना ने पहले एक रिहायशी घर पर बमबारी की, जिसमें एक बुजुर्ग और एक बच्चे की जान गई।
जब स्थानीय ग्रामीण मलबे में दबे लोगों को बचाने के लिए इकट्ठा हुए, तो उसी जगह पर जानबूझकर दोबारा हमला किया गया। इस दूसरे हमले में 28 ग्रामीण मारे गए और 158 अन्य घायल हो गए।”
कूटनीतिक गतिरोध: काबुल ने पाकिस्तानी राजनयिक को किया तलब
इस सैन्य टकराव ने दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्ते भी लगभग खत्म होने की कगार पर पहुंचा दिए हैं।
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सोमवार को अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने काबुल में पाकिस्तानी ‘चार्ज डी’अफेयर्स’ (राजनयिक प्रतिनिधि) को तलब किया।
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अफगान सरकार ने अपने हवाई क्षेत्र के उल्लंघन और कुनार, पक्तिया व पक्तिका प्रांतों में आम नागरिकों के घरों पर हुई बमबारी को लेकर कड़ा और आधिकारिक विरोध दर्ज कराया है।
शांति प्रयास विफल, स्थिति बेकाबू
पिछले कुछ महीनों में सीमा-पार शत्रुता खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शांति के कई प्रयास किए गए, लेकिन बातचीत के सभी दौर विफल रहे हैं।
फरवरी से अब तक दोनों देशों के बीच हुए छिटपुट संघर्षों और हवाई कार्रवाइयों में सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं।
दोनों देश एक-दूसरे पर आतंकियों को पनाह देने का आरोप लगाते हुए लगातार जवाबी सैन्य कार्रवाइयां कर रहे हैं, जिससे इस क्षेत्र में एक स्थायी युद्धविराम की उम्मीदें धूमिल होती जा रही हैं।











