कोलकाता में ‘हथियारों का जखीरा’ बरामद: चुनाव से पहले बिहार से बंगाल पहुंच रही मौत की खेप, ARS ने तस्कर को दबोचा
“पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले कोलकाता पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है”
कोलकाता /क्राइम रिपोर्टर: “The Politics Again” संतोष सेठ की रिपोर्ट
चुनाव के दौरान हिंसा फैलाने की किसी भी साजिश को नाकाम करते हुए कोलकाता पुलिस की एंटी राउडी स्क्वाड (ARS) ने भारी मात्रा में अवैध हथियारों के साथ एक अंतरराज्यीय तस्कर को गिरफ्तार किया है।
यह गिरफ्तारी इस बात का संकेत है कि चुनाव से पहले बिहार के ‘मुंगेर और गया’ मॉडल के हथियार एक बार फिर बंगाल में सक्रिय हो रहे हैं।

कसबा में पुलिस का एक्शन
सोमवार दोपहर को कसबा थाना क्षेत्र के रासबिहारी एवेन्यू कनेक्टर पर पुलिस ने फिल्मी अंदाज में यह कार्रवाई की।
गुप्त सूचना के आधार पर, एआरएस की टीम ने गरियाहाट से रूबी की ओर जा रहे एक ऑटो को रोका।
ऑटो में सवार 38 वर्षीय मोहम्मद इस्तियाक की तलाशी लेने पर उसके बैग से हथियारों का जखीरा बरामद हुआ।
क्या-क्या मिला?
पुलिस ने आरोपी के पास से निम्नलिखित हथियार जब्त किए हैं:
- 3 सिंगल शटर (देसी कट्टे)
- 2 रिवॉल्वर
- 1 पिस्तौल (Pistol)
- 11 जिंदा कारतूस
आरोपी मोहम्मद इस्तियाक बिहार के गया जिले के गुरारू इलाके का रहने वाला है।
बिहार कनेक्शन और चुनावी साजिश
प्रारंभिक पूछताछ में यह सामने आया है कि इस्तियाक केवल एक ‘कूरियर’ है, जो बिहार से यह खेप लेकर कोलकाता पहुंचा था।
पुलिस के लिए अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि “हथियारों का असली खरीदार कौन है?” चुनाव से ठीक पहले इतनी बड़ी मात्रा में हथियारों की आमद यह इशारा करती है कि इनका इस्तेमाल राजनीतिक हिंसा या बूथ कैप्चरिंग जैसी घटनाओं के लिए किया जा सकता था।
पुलिस का बयान
कोलकाता पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा, “विधानसभा चुनाव के मद्देनजर हम ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रहे हैं।
शहर के सभी एंट्री पॉइंट्स और संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है। इस्तियाक से पूछताछ जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह खेप किसे सौंपी जानी थी।”











