मिडिल ईस्ट तनाव के बीच ट्रंप ने पीएम मोदी को किया फोन, हिली दुनिया
मिडिल ईस्ट तनाव के बीच ट्रंप ने पीएम मोदी को किया फोन, 40 मिनट तक इन अहम मुद्दों पर हुई चर्चा
नई दिल्ली/वाशिंगटन: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
मिडिल ईस्ट (Middle East) में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच सीजफायर लागू होने के बावजूद युद्ध के बादल पूरी तरह छंटे नहीं हैं।
सीजफायर के बीच भी तनाव का माहौल लगातार बना हुआ है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दी जा रही चेतावनियों से एक बार फिर जंग छिड़ने की आशंका गहरा गई है।
इस बेहद नाजुक वैश्विक स्थिति के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच टेलीफोन पर करीब 40 मिनट तक लंबी और अहम बातचीत हुई है।
इन प्रमुख मुद्दों पर हुई दोनों नेताओं की बात
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर (Sergio Gor) की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, दोनों वैश्विक नेताओं के बीच यह बातचीत बेहद सकारात्मक रही।
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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज: प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने मुख्य रूप से ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) की नाकेबंदी और वहां व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के मुद्दे पर गंभीरता से चर्चा की।
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ऊर्जा और अहम समझौते: अमेरिकी राजदूत ने यह भी संकेत दिया है कि इस बातचीत के बाद, आने वाले कुछ दिनों और हफ्तों में भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा (Energy) सहित कई अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बड़े समझौतों पर मुहर लगने की उम्मीद है।
ट्रंप का पीएम मोदी को संदेश- ‘हम सब आपसे प्यार करते हैं’
राजदूत सर्जियो गोर ने दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत की गर्माहट का जिक्र करते हुए एक अहम जानकारी साझा की।
गोर के अनुसार, बातचीत के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी से कहा, “मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि हम सब आपसे प्यार करते हैं।”
अमेरिकी राजदूत ने जोर देते हुए कहा कि भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय संबंध इस वक्त सबसे मजबूत स्थिति में हैं।
पीएम मोदी ने X (ट्विटर) पर साझा की जानकारी
अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ हुई इस विस्तृत बातचीत को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने आधिकारिक ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर देशवासियों को जानकारी दी।
पीएम मोदी ने लिखा, “मुझे मेरे मित्र राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फोन आया। हमने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग में हुई महत्वपूर्ण प्रगति की समीक्षा की। हम सभी क्षेत्रों में अपनी व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Global Strategic Partnership) को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमने पश्चिम एशिया (West Asia) की स्थिति पर भी चर्चा की और होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला और सुरक्षित रखने के महत्व पर बल दिया।”
इस 40 मिनट की बातचीत को वैश्विक कूटनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब मिडिल ईस्ट का संकट वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल आपूर्ति को सीधे तौर पर प्रभावित कर सकता है।










