US-इजरायल का सीक्रेट ऑपरेशन, 48 घंटे बाद बचाए गए अमेरिकी कर्नल
ईरान में US-इजरायल का सबसे बड़ा ‘सीक्रेट ऑपरेशन’: 48 घंटे बाद मौत के मुंह से निकाले गए अमेरिकी कर्नल “
वाशिंगटन/तेल अवीव: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
ईरान की पहाड़ियों में मार गिराए गए अमेरिकी F-15E ‘स्ट्राइक ईगल’ के वेपन सिस्टम ऑफिसर (WSO) को बचाने का मिशन आधुनिक सैन्य इतिहास में अमेरिका और इजरायल के बीच सबसे गहरे और सफल सहयोग की मिसाल बन गया है।
48 घंटों तक दुश्मन के इलाके में मौत से जूझ रहे अमेरिकी कर्नल को सुरक्षित निकालने के लिए इजरायली स्पेशल फोर्सेज और इंटेलिजेंस ने जो मास्टरप्लान बनाया, उसने ईरानियों को पूरी तरह चकमा दे दिया।
CIA का ‘धोखा’ और IDF के ‘ध्यान भटकाने’ वाले हमले
द जेरूसलम पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस साहसी बचाव अभियान को सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) के एक बेहद बारीकी से बुने गए “धोखा देने वाले अभियान” (Deception Campaign) के तहत अंजाम दिया गया।
ऑपरेशन के दौरान इजरायली डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने ईरानी ठिकानों पर कई हमले किए। इजरायली इंटेलिजेंस और सेना के ये हमले दरअसल एक ‘डायवर्जन’ (ध्यान भटकाने वाला कदम) थे।
इनका मुख्य मकसद ईरानी सेना को विमान गिरने की असली जगह से दूर रखना और पायलट तक पहुंचने की उनकी कोशिशों को नाकाम करना था।
इजरायली स्पेशल फोर्सेज: ‘सायेरेट मतकल’ और ‘शालदाग’ की एंट्री
ओपन सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) की रिपोर्टों के अनुसार, इस रेस्क्यू ऑपरेशन में इजरायल की सबसे खतरनाक कमांडो यूनिट्स ‘सायेरेट मतकल’ (Sayeret Matkal) और ‘शालदाग’ (Shaldag) ने सीधे तौर पर हिस्सा लिया।
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सायेरेट मतकल: यह दुश्मन के इलाके में गहरे तक घुसकर बंधकों को छुड़ाने में माहिर है।
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शालदाग: यह इजरायली वायु सेना की यूनिट है जो दुश्मन की सीमा के पीछे ‘कॉम्बैट सर्च-एंड-रेस्क्यू’ ऑपरेशन्स के लिए जानी जाती है। इन फोर्सेज ने उस दुर्गम इलाके में ईरान के खतरों का डटकर मुकाबला किया और अमेरिकी सेना को कवर दिया।
नेतन्याहू और ट्रंप की कूटनीतिक जीत
इस सफल मिशन के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (बीबी) ने ‘एक्स’ पर जानकारी दी कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बचाव अभियान में तेल अवीव की मदद के लिए उन्हें बधाई दी है।
नेतन्याहू ने ट्रंप के “साहसी फैसले” की तारीफ करते हुए कहा, “मुझे गर्व है कि युद्ध के मैदान के अंदर और बाहर हमारा सहयोग बेमिसाल है और इजरायल एक बहादुर अमेरिकी योद्धा की जान बचाने में अपना योगदान दे सका।”
बता दें कि विमान दुर्घटना शुक्रवार को हुई थी, जिसमें पायलट को कुछ ही घंटों में बचा लिया गया था, लेकिन WSO (कर्नल) लापता हो गए थे।
वह लगभग 48 घंटों तक ईरानियों से बचते रहे, जिसके बाद रविवार को उन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया। राष्ट्रपति ट्रंप के मुताबिक, अधिकारी घायल हैं लेकिन जल्द ही ठीक हो जाएंगे।










