मेरठ बाबरी मस्जिद चंदा

मेरठ में ‘बाबरी मस्जिद’ के नाम पर चंदा वसूली: 50 संदिग्ध पकड़े गए, पुलिस ने बिना सत्यापन छोड़ा तो भड़के विधायक

“उत्तर प्रदेश के मेरठ स्थित सदर बाजार इलाके में पश्चिम बंगाल में बन रही ‘बाबरी मस्जिद’ के नाम पर चंदा मांगने का एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है”

मेरठ : THE POLITICS AGAIN : शिल्पा की रिपोर्ट 

स्थानीय व्यापारियों ने चंदा मांग रहे दूसरे समुदाय के करीब 50 लोगों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया।

लेकिन पुलिस द्वारा इनमें से कई लोगों को बिना सत्यापन (Verification) के छोड़ दिए जाने पर जमकर हंगामा हुआ। कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने पुलिस की इस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

क्या है पूरा मामला?

कैंट विधायक अमित अग्रवाल सदर बाजार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी रैली के लिए जनसंपर्क अभियान चला रहे थे।

इसी दौरान व्यापारियों ने उन्हें सूचना दी कि 50 से अधिक लोग दुकानों और घरों में घुसकर बंगाल में बन रही बाबरी मस्जिद के लिए चंदा मांग रहे हैं।

पकड़े गए लोगों में से एक का आधार कार्ड पश्चिम बंगाल का निकला। व्यापारियों और विधायक ने इन सभी 50 लोगों को सदर बाजार पुलिस के सुपुर्द कर दिया।

पुलिस की लापरवाही और विधायक का हंगामा

आरोप है कि सदर बाजार पुलिस ने 50 में से केवल 21 लोगों की ही सत्यापन सूची बनाई और बाकी लोगों को बिना जांच किए छोड़ दिया।

इस बात की भनक लगते ही कैंट विधायक अमित अग्रवाल और बड़ी संख्या में व्यापारी थाने पहुंच गए और पुलिस के खिलाफ जमकर हंगामा किया।

विधायक ने तत्काल पुलिस अधीक्षक (SP) अविनाश पांडे को फोन पर घटना की जानकारी दी। एसपी के निर्देश पर तुरंत दो टीमें गठित कर रोडवेज बस अड्डे और रेलवे स्टेशन भेजी गईं, ताकि बिना सत्यापन छूटे लोगों को वापस पकड़ा जा सके।

VVIP मूवमेंट के बीच बड़ी सुरक्षा चूक की आशंका

विधायक अमित अग्रवाल ने पुलिस की लापरवाही पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत मेरठ में ही हैं।

इसके अलावा जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी मेरठ दौरा प्रस्तावित है।

ऐसे अति-महत्वपूर्ण समय में पश्चिम बंगाल, असम और बिहार से आए संदिग्ध लोगों को बिना सत्यापन के छोड़ देना सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी और गंभीर लापरवाही है।

सांप्रदायिक साजिश का आरोप

इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने कहा कि बंगाल में बाबरी मस्जिद का निर्माण पूरे देश का सांप्रदायिक माहौल खराब करने की एक सोची-समझी साजिश है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इसके लिए देशभर से फंडिंग की जा रही है। उन्होंने पकड़े गए सभी लोगों का गहन सत्यापन कराकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

इस बीच, पुलिस अधीक्षक नगर (SP City) आयुष विक्रम सिंह ने स्पष्ट किया है कि पकड़े गए लोगों का सत्यापन कराया जा रहा है और जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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