एपस्टीन कांड में नाम घसीटने पर भड़के हरदीप पुरी, राहुल गांधी को दिया जवाब- “एपस्टीन मुझे ‘दोमुंहा’ कहता था क्योंकि मैं उसके लिए सही व्यक्ति नहीं था”
“लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम कुख्यात अमेरिकी फाइनेंसर जेफरी एपस्टीन (Jeffrey Epstein) से जोड़े जाने के बाद सियासी घमासान मच गया है”
नई दिल्ली/संसदीय ब्यूरो: “The Politics Again” संतोष सेठ की रिपोर्ट
राहुल गांधी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में तीखा पलटवार किया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय शांति संस्थान (IPI) के प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में वे एपस्टीन से मिले थे, लेकिन उनके कुकर्मों से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
“राहुल को ईमेल पढ़ने चाहिए”
हरदीप पुरी ने राहुल गांधी को नसीहत देते हुए कहा, “युवा नेता को आदत है बिना आधार के आरोप लगाने की।
एपस्टीन फाइल्स यौन अपराधों और कुकर्मों के बारे में हैं। मेरा उनसे कोई वास्ता नहीं था।” पुरी ने खुलासा किया कि एपस्टीन उन्हें पसंद नहीं करता था।
उन्होंने कहा, “एपस्टीन ने मुझे ‘दोमुंहा’ (Two-faced) कहा था क्योंकि मैं उसकी गतिविधियों में दिलचस्पी नहीं रखता था और मैं उसके लिए ‘सही व्यक्ति’ नहीं था। राहुल गांधी को वो ईमेल पढ़ने चाहिए।”
सिर्फ 3-4 बार हुई थी मुलाकात
सफाई देते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया, “IPI में मेरे बॉस एपस्टीन को जानते थे। मैं एक प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के तौर पर एपस्टीन से केवल 3 या 4 बार मिला हूं। यह मुलाकातें पूरी तरह आधिकारिक और पेशेवर दायरे में थीं।”
राहुल पर तंज: “बोलकर भागने वाले नेता”
पुरी ने राहुल गांधी के संसद से चले जाने पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, “दो तरह के नेता होते हैं—एक जो देश को तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में जुटे हैं, और दूसरे वे जो कभी-कभार संसद आते हैं, आरोप लगाते हैं और जब जवाब देने की बारी आती है तो सदन छोड़कर भाग जाते हैं। आज भी वे अपना भाषण देकर चले गए।”
क्या था राहुल का आरोप?
इससे पहले लोकसभा में राहुल गांधी ने दावा किया था कि एपस्टीन फाइल्स में हरदीप सिंह पुरी का नाम शामिल है। गौरतलब है कि एपस्टीन फाइल्स में उन लोगों का जिक्र है जो यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के संपर्क में थे, जिनमें डोनाल्ड ट्रंप और बिल क्लिंटन जैसी हस्तियां शामिल हैं।











