महाराष्ट्र निकाय चुनाव: महायुति की प्रचंड जीत, भाजपा ने तोड़ा 2017 का अपना ही रिकॉर्ड; अजीत पवार को दी गई श्रद्धांजलि
“महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और महायुति गठबंधन ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है”
मुंबई: “The Politics Again” संतोष सेठ की रिपोर्ट
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य की जनता ने महायुति पर अपना अटूट विश्वास एक बार फिर साबित कर दिया है।
हालांकि, जश्न के इस माहौल में वरिष्ठ नेता अजीत पवार की अनुपस्थिति ने गठबंधन को भावुक कर दिया है, जिनका चुनाव से ठीक पहले निधन हो गया था।
ग्रामीण से शहरी इलाकों तक ‘कमल’ और ‘धनुष-बाण’
सोमवार को आए नतीजों और रुझानों के मुताबिक, भाजपा राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि भाजपा ने 2017 के अपने ही रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया है।
2017 में जहां पार्टी ने 284 सीटें जीती थीं, वहीं इस बार यह आंकड़ा 410 सीटों के पार पहुंच गया है। यह जीत इसलिए भी अहम है क्योंकि विपक्ष लगातार भाजपा को केवल ‘शहरी पार्टी’ बताकर खारिज करता रहा है।
कोल्हापुर और लातूर जैसे महत्वपूर्ण जिलों में, जहां महायुति के तीनों दलों ने संयुक्त रूप से चुनाव लड़ा, वहां गठबंधन ने क्लीन स्वीप किया है।
पंचायत समिति के नतीजों में भी महायुति का दबदबा कायम है, जहां 125 में से 100 से अधिक समितियों पर गठबंधन ने कब्जा जमा लिया है।
अजीत दादा की कमी खली
चुनाव परिणामों पर बात करते हुए मुख्यमंत्री भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, “यह जीत ऐतिहासिक है, लेकिन हमारे वरिष्ठ साथी अजीत पवार का हमारे बीच न होना एक अपूरणीय क्षति है।
यह चुनाव परिणाम उन्हें हमारी सच्ची श्रद्धांजलि है।” अजीत पवार के निधन को महायुति के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, लेकिन सहानुभूति की लहर ने भी गठबंधन के पक्ष में काम किया है।
विपक्ष पर तीखा हमला
विपक्ष पर निशाना साधते हुए सीएम फडणवीस ने कहा, “विपक्ष जनता की नब्ज़ पहचानने में पूरी तरह विफल रहा है।
वे ज़मीन से कट चुके हैं और केवल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति कर रहे हैं। जनता ने उनके नकारात्मक एजेंडे को पूरी तरह नकार दिया है।”
ताजा आंकड़ों के अनुसार, जिला परिषद की सीटों में भाजपा 200 और शिवसेना 137 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जो उनके प्रतिद्वंद्वियों से कहीं आगे है।











