इश्क, इंतकाम नहीं… त्याग: जौनपुर में पति ने खुद मंडप में खड़े होकर कराई पत्नी की प्रेमी से शादी
“उत्तर प्रदेश के जौनपुर से प्रेम और त्याग की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने समाज के सामने एक नई बहस छेड़ दी है। जहां अक्सर त्रिकोणीय प्रेम संबंधों का अंत हिंसा या रंजिश में होता है, वहीं यहां एक पति ने अपनी पत्नी की खुशी के लिए उसे उसके प्रेमी को सौंप दिया”
ब्यूरो रिपोर्ट: द पॉलिटिक्स अगेन (The Politics Again) स्थान: जौनपुर/उत्तर प्रदेश | तारीख: 10 जनवरी, 2026
जौनपुर कचहरी परिसर स्थित मंदिर में तन्जय प्रजापति ने खुद आगे बढ़कर अपनी पत्नी पम्मी की शादी उसके प्रेमी राजू बैरागी से करवाई और दोनों को सुखद भविष्य का आशीर्वाद भी दिया।
मुंबई से शुरू हुई रिश्तों की उलझन
मिर्जापुर के रहने वाले तन्जय प्रजापति की शादी 2022 में जलालपुर (जौनपुर) की पम्मी से हुई थी। 2023 में दोनों का एक बेटा भी हुआ। परिवार महाराष्ट्र में रह रहा था।
लेकिन इसी बीच पम्मी अपने स्कूल के पुराने साथी और प्रेमी राजू बैरागी के साथ मुंबई से गांव लौट आई। तन्जय ने पहले पुलिस में शिकायत की, लेकिन जब उसे सच्चाई और पत्नी की नाखुशी का अहसास हुआ, तो उसने बदले की जगह समझौते का रास्ता चुना।
मंदिर में रचाई शादी, कचहरी में हुई लिखा-पढ़ी
कचहरी परिसर के मंदिर में अधिवक्ताओं और परिजनों की मौजूदगी में पम्मी ने प्रेमी राजू को जयमाल पहनाई। राजू, जिसकी पहली पत्नी की मृत्यु हो चुकी थी, उसने पम्मी की मांग में सिंदूर भरा।
इस पूरी प्रक्रिया के दौरान पति तन्जय न केवल वहां मौजूद रहा, बल्कि उसने कानूनी रूप से कचहरी में आपसी सहमति की लिखा-पढ़ी भी कराई ताकि भविष्य में कोई विवाद न हो।
संवाद और प्रतिक्रियाएं
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पति (तन्जय प्रजापति): “आजकल प्रेम संबंधों में हत्या और हिंसा की खबरें आम हैं। मैं नहीं चाहता था कि किसी की जान जाए। मैंने बच्चे के भविष्य को देखते हुए उसे अपने पास रखने का फैसला किया है और पत्नी को उसकी खुशी के साथ विदा कर दिया।”
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पत्नी (पम्मी): “मुझसे झूठ बोलकर शादी कराई गई थी। मैं अपने स्कूल के साथी राजू से प्यार करती हूं और अब उसके साथ खुश रहूंगी।”
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प्रेमी (राजू बैरागी): “हम साथ पढ़ते थे। पत्नी की मौत के बाद मैं अकेला था, पम्मी के साथ ने मुझे नई जिंदगी दी है।”











